सरकारी अलर्ट: CrowdStrike के नाम पर आपके साथ हो सकती है ठगी, ना करें ऐसी गलती

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 30 Jul 2024 10:57 AM IST
सार

CERT-In की वेबसाइट पर कहा गया है कि साइबर ठग CrowdStrike के नाम पर लोगों को ई-मेल कर रहे हैं और उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करने का दावा कर रहे हैं। जैसे ही कोई यूजर इनकी जाल में फंस जा रहे हैं उनसे ये निजी जानकारी ले रहे हैं और उन जानकारियों के आधार पर स्कैम किया जा रहा है।

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CERT In warns of phishing campaign targeting CrowdStrike users
क्राउडस्ट्रााइक - फोटो : crowdstrike

    विस्तार

    सरकारी साइबर एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने लोगों को एक चेतावनी दी है। CERT-In ने अपनी चेतावनी में कहा है कि CrowdStrike के नाम पर लोगों के साथ ठगी हो सकती है और उन्हें साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया जा सकता है। बता दें कि 19 जुलाई को क्राउडस्ट्राइक के आउटेज के कारण दुनियाभर के विंडोज सिस्टम बंद हो गए थे जिससे एयरपोर्ट से लेकर बैंक तक ठप पड़ गए थे।

    बाद में Microsoft और CrowdStrike ने बग को फिक्स किया था जिसके बाद लोगों के सिस्टम ठीक हुए, लेकिन अभी भी कुछ यूजर्स ऐसे हैं जिन्हें विंडोज में ब्लू स्क्रीन की दिक्कत आ रही है। CERT-In ने इन्हीं यूजर्स के लिए चेतावनी दी है।

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    CERT-In की वेबसाइट पर कहा गया है कि साइबर ठग CrowdStrike के नाम पर लोगों को ई-मेल कर रहे हैं और उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करने का दावा कर रहे हैं। जैसे ही कोई यूजर इनकी जाल में फंस जा रहे हैं उनसे ये निजी जानकारी ले रहे हैं और उन जानकारियों के आधार पर स्कैम किया जा रहा है।

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    एजेंसी के मुताबिक क्राउडस्ट्राइक पिशिंग अटैक बड़े पैमाने पर हो रहा है। क्राउडस्ट्राइक के नाम पर फर्जी सॉफ्टवेयर भी रिलीज किए गए हैं जिन्हें लेकर दावा किया गया है कि ब्लू स्क्रीन की दिक्कत दूर की जाएगी। सर्ट ने कहा है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन कम्युनिकेशन, मैसेज, कॉल या सॉफ्टवेयर पर भरोसा ना करें और किसी भी सूरत में अपनी निजी जानकारी साझा ना करें।

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