Social Media: क्या भारत में नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर लगेगा बैन? IT मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 18 Feb 2026 04:37 PM IST
सार

देश में बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल खतरों को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। AI समिट के दौरान केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं।

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एआई समिट में बोले केंद्रीय मंत्री - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    देश में बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल खतरों को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। AI समिट के दौरान जब केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से पूछा गया कि क्या भारत सरकार नाबालिग बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि इस विषय पर गंभीर चर्चा चल रही है। आइए जानते हैं केंद्रीय मंत्री ने इस विषय पर क्या कहा।

    क्या भारत में बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया?

    मंत्री ने कहा कि सरकार फिलहाल अलग-अलग सोशल मीडिया कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। खास तौर पर उम्र-आधारित एक्सेस कंट्रोल और डीपफेक जैसे गंभीर मुद्दों पर विचार-विमर्श हो रहा है।

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    उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण यानी Digital Personal Data Protection Act (DPDP Act) में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रावधान शामिल हैं। सरकार चाहती है कि नाबालिगों को केवल वही कंटेंट दिखे जो उनकी उम्र के अनुरूप और सुरक्षित हो।

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    हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कंपनियों को मानने होंगे भारत के कानून

    आईटी मंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि भारत में काम करने वाली हर डिजिटल कंपनी को देश के कानून और संविधान का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि Meta, X, YouTube और Netflix जैसी कंपनियां भारत की संप्रभुता और सुरक्षा नियमों से ऊपर नहीं हैं।

    डीपफेक पर सख्ती की तैयारी

    मंत्री ने डीपफेक तकनीक को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि मौजूदा नियम पर्याप्त नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो संसद में व्यापक सहमति बनाकर और कड़े कानून लाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक संसदीय समिति इस विषय पर विस्तृत अध्ययन कर चुकी है। DPDP कानून में पहले से ही छात्रों और युवाओं के लिए कंटेंट कंट्रोल से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

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    सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है जहां तकनीक का लाभ तो मिले, लेकिन समाज को नुकसान न पहुंचे। आने वाले समय में सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर नए नियामक उपायों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    दूसरे देशों में क्या स्थिति है?

    मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू कर दिया है। वहीं फ्रांस और युनाइटेड किंगडम में पैरेंटल कंसेंट और उम्र सीमा को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं।

    सरकार अभी कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। साफ है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर आने वाले समय में भारत में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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