Microsoft: भारतीय मूल की आशा शर्मा बनीं माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की नई सीईओ, संभालेंगी Xbox की कमान

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 22 Feb 2026 04:51 PM IST
सार

भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की नई सीईओ बन गई हैं। वे दिग्गज फिल स्पेंसर की जगह लेंगी, जो 40 साल बाद रिटायर हो रहे हैं। आशा सीधे सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी। उन्होंने एक्सबॉक्स को हर घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

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asha sharma appointed Microsoft gaming ceo replaces phil spencer
आशा शर्मा- सीईओ, माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग - फोटो : माइक्रोसॉफ्ट

    विस्तार

    माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग साम्राज्य में एक बड़े युग का अंत और एक नई शुरुआत हुई है। 40 वर्षों तक कंपनी को अपनी सेवाएं देने वाले फिल स्पेंसर अब रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह अब भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान संभालेंगी। आशा अब सीधे कंपनी के सीईओ सत्य नडेला को रिपोर्ट करेंगी।

    कौन हैं आशा शर्मा?

    आशा शर्मा कोई नया नाम नहीं हैं। इससे पहले वे माइक्रोसॉफ्ट में ही एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप टीम का अहम हिस्सा रही हैं। उनके पास मेटा और मशहूर डिलीवरी कंपनी इंस्टाकार्ट में बड़े पदों पर काम करने का शानदार अनुभव है। उन्हें मुश्किल वक्त में टीम को लीड करने और बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक्सपर्ट माना जाता है।

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    तीन बड़े विजन पर काम करेंगी आशा

    पदभार संभालते ही आशा ने अपनी टीम को पहला आधिकारिक संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने गेमिंग के भविष्य को लेकर 3 बड़े वादे किए हैं:

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    बेहतरीन गेम्स पर फोकस:

    आशा का मानना है कि खिलाड़ियों को वही पसंद आता है जो दिल को छू जाए। उन्होंने स्टूडियोज को ज्यादा ताकत देने और बड़े ब्रांड्स में निवेश करने की बात कही है। इसी सिलसिले में उन्होंने मैट बूटी को प्रमोट कर 'चीफ कंटेंट ऑफिसर' बनाया है।

    हर हाथ में होगा एक्सबॉक्स:

    अब गेमिंग सिर्फ कंसोल तक सीमित नहीं रहेगी। आशा का लक्ष्य है कि पीसी, मोबाइल और क्लाउड के जरिए गेमर्स कहीं भी, कभी भी खेल सकें।

    एआई का समझदारी से इस्तेमाल:

    उन्होंने साफ किया कि वे गेमिंग में सिर्फ दिखावे के लिए एआई नहीं भरेंगी। उनके लिए गेम्स एक आर्ट हैं, जिसे इंसान बनाते हैं और टेक्नोलॉजी सिर्फ उसे निखारती है।

    आशा के सामने होंगी तीन बड़ी चुनौतियां

    फिल स्पेंसर इस साल गर्मियों तक सलाहकार के तौर पर साथ रहेंगे ताकि बदलाव की प्रक्रिया आसान हो सके। वहीं, सारा बॉन्ड ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया है। आशा के सामने अब तीन मुख्य चुनौतियां होंगी:

    मुनाफा बढ़ाना:

    हार्डवेयर की बढ़ती लागत के बीच प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखना।

    कड़ा मुकाबला:

    सोनी के प्लेस्टेशन से मिल रही चुनौती का सामना करना।

    बड़ी डील का तालमेल:

    69 बिलियन डॉलर की 'एक्टिविजन ब्लिजार्ड' डील के बाद पूरी टीम को एकजुट करना।

    क्या है एक्सबॉक्स?

    यह माइक्रोसॉफ्ट का अपना गेमिंग ब्रांड है। इसमें गेमिंग कंसोल से लेकर कई ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सेवाएं तक शामिल हैं। दुनिया भर में करोड़ों गेमर्स एक्सबॉक्स गेमिंग कंसोल का इस्तेमाल करते हैं। अब आशा शर्मा के नेतृत्व में यह ब्रांड एआई और क्लाउड के जरिए नई पहचान बनाने को तैयार है।

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