Apple की नई प्राइवेसी पॉलिसी हुई लाइव, अब न्यूट्रिशन लेबल के साथ दिखेंगे एप

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 15 Dec 2020 05:06 PM IST
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Apple Privacy Nutrition Labels now available with iOS 14.3 all you need to know
Apple App Privacy Nutrition Labels - फोटो : Amar Ujala

    एपल ने अपने सभी आईफोन के लिए ios 14.3 का अपडेट जारी किया है। इस अपडेट के साथ Apple ने नई प्राइवेसी पॉलिसी भी लॉन्च की है। अब एपल के एप स्टोर पर सभी एप्स एक प्राइवेसी न्यूट्रिशन लेबल (Privacy Nutrition Labels) के साथ आएंगे। एप के साथ मौजूद लेबल से ही आपको पता चल जाएगा कि कोई एप आपका डाटा इकट्ठा कर रहा है या नहीं। वैसे तो एपल ने इस साल जून में आयोजित हुए वर्ल्ड वाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में ही अपनी इस आगामी प्राइवेसी पॉलिसी की घोषणा की थी लेकिन अब इसे जारी कर दिया गया है, हालांकि एपल की इस नई प्राइवेसी पॉलिसी पर कुछ अन्य कंपनियों ने आपत्ति जताई है। आइए जानते हैं क्या है एपल की नई प्राइवेसी पॉलिसी?

    क्या है एपल का प्राइवेसी न्यूट्रिशन लेबल?

    एपल के नए प्राइवेसी न्यूट्रिशन लेबल के तहत सभी डेवलपर्स को एप स्टोर पर एप पब्लिश करने से पहले ही बताना होगा कि वह कौन-कौन सी सूचनाएं इकट्ठा करेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो एपल के एप स्टोर से किसी एप को डाउनलोड करने से पहले ही आसान भाषा में उस एप की प्राइवेसी पॉलिसी आपको मिल जाएगी जिसमें डाटा कलेक्शन और एक्सेस समेत कई जानकारियां होंगी। इससे यूजर्स को यह भी पता चल जाएगा कि कोई एप आपके किसी डाटा का क्या कर रहा है और किसी फीचर का एक्सेस क्यों ले रहा है। एपल का यह न्यूट्रिशन लेबल काफी हद तक फूड आइटम के पैकेट पर दिए गए न्यूट्रिशन लेबल की तरह ही है। नई पॉलिसी iOS, iPadOS, macOS, watchOS और tvOS के सभी एप्स पर लागू होगी। नई पॉलिसी एपल के इनहाउस एप्स पर भी लागू होगी।

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    जिम्मेदार बनेंगे एप डेवलपर्स

    कई ऐसे डेवलपर्स भी हैं जो अपने एप्स के कोई एक्सेस नहीं लेते हैं, लेकिन ऐसे भी हैं जो तमाम तरह के एक्सेस तो लेते ही हैं, साथ ही यूजर्स का निजी डाटा भी इकट्ठा करते हैं, लेकिन आसान शब्दों में इसके बारे में बताते नहीं हैं। एपल की इस नई पॉलिसी का मकसद ही डेवलपर्स को जिम्मेदार बनाना है। एपल ने कहा है कि वह नए अपडेशन में डेवलपर्स की मदद भी करेगा। नए पॉलिसी की शुरुआत 8 दिसंबर 2020 से हो गई है और अब जो भी डेवलपर एप पब्लिश करेगा उसे साफ शब्दों में प्वाइंटर में बताना होगा कि वह अपने एप के जरिए यूजर्स के फोन से क्या-क्या एक्सेस ले रहा है, क्या ट्रैक कर रहा है, कौन-सा डाटा यूजर्स से संबंधित है और कौन सा नहीं है। डेवलपर्स को अब यह भी बताना होगा कि वह किसी डाटा ब्रोकर या थर्ड पार्टी के साथ अपने एप का डाटा शेयर करता है या नहीं।

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    व्हाट्सएप को है आपत्ति

    एपल की नई प्राइवेसी पॉलिसी से व्हाट्सएप को आपत्ति है। व्हाट्सएप ने नई पॉलिसी की आलोचना करते हुए कहा है कि एपल का नया एप न्यूट्रिशन लेबल पक्षपातपूर्ण है। WhatsApp ने कहा है कि थर्ड पार्टी एप के लिए न्यूट्रिशन लेबल है लेकिन उन एप्स का क्या जो पहले से ही आईफोन में इंस्टॉल मिलते हैं, हालांकि एपल ने साफतौर पर कहा है कि नया नियम थर्ड पार्टी एप और एपल के एप सभी पर लागू होगा। व्हाट्सएप का यह भी कहना है कि एपल का आईमैसेज एप स्टोर पर नहीं तो फिर एपल इसके साथ न्यूट्रिशन लेबल कैसे लगाएगा। एपल ने व्हाट्सएप के इस सवाल का भी जवाब दिया है और कहा है कि आईमैसेज का न्यूट्रिशन लेबल एपल की साइट पर देखा जा सकेगा।

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