एपल के चीफ डिजाइन ऑफिसर Jony Ive ने कंपनी को कहा अलविदा

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Fri, 28 Jun 2019 01:04 PM IST
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Apple chief designer Jony Ive leaving to form an independent design company.
Jony Ive - फोटो : Flickr

    टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी एपल के चीफ डिजाइन ऑफिसर जॉनी इवे (Jony Ive) ने कंपनी छोड़ने का फैसला लिया है। जॉनी को फोन के डिजाइन की दुनिया का शहंशाह कहा जाता है। इसके अलावा इन्हें Sir Jonathan Ive के नाम से भी जाना जाता है। जॉनी ने एपल में 27 साल की तक सेवाएं दी है। उन्होंने आईफोन से लेकर एपल के मैक तक को डिजाइन किया है।

    वहीं जॉनी के आगे के करियर को लेकर कहा जा रहा है कि वह किसी अन्य कंपनी के साथ अपनी पारी शुरू नहीं करेग, बल्कि खुद ही एक डिजाइनिंग कंपनी बनाएंगे। बताया जा रहा कि जॉनी की डिजाइनिंग कंपनी का नाम LoveForm होगा। वहीं कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि वे एपल को भी अपना क्लाइंट बनाएंगे और उसके लिए डिजाइन का काम करते रहेंगे। एपल में जॉनी की हैसियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जॉनी इवे के इस्तीफे के बाद एपल को शेयर बाजार में 63 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है। उनके जाने के बाद टिम कुक ने कहा है कि जॉनी की जगह को भरना बहुत मुश्किल है।

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    बता दें कि जॉनी इवे ने 1992 में एपल के डिजाइन विभाग में ज्वाइन किया था। 2012 से वे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों डिजाइन कर हे थे। Jony Ive ने एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स के साथ भी काम किया है। स्टीव जॉब्स के कार्यकाल में जॉनी बतौर सिनीयर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंड्स्ट्रियल डिजाइन काम कर चुके हैं।

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    जॉनी के कंपनी छोड़ने पर एपल के सीईओ टिम कुक ने अपने एक बयान में कहा है, 'जॉनी डिजाइन की दुनिया के एक अदभुत इंसान हैं। 1998 में आईफोन और एप्पल पार्क में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता।' वहीं एपल ने इस बात की पुष्टि की है कि जॉनी उनके लिए काम करते रहेंगे और एपल को ्रप्राथमिक क्लाइंट के रूप में रखेंगे।

    बर्नर की वजह से एपल में आए जॉनी

    जॉनी का जन्म 1967 में लंदन में हुआ था। 1989 में उन्होंने इंडस्ट्रियल डिजाइन में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद अमेरिका गए जहां उनकी मुलाकात डिजाइन कंसलटेंसी कंपनी चलाने वाले रॉबर्ट बर्नर से हुई। बर्नर ने कुछ साल बाद एपल ज्वाइन कर ली और जॉनी को एपल में लाने के लिए प्रयास करने लगे, लेकिन इसके लिए उन्हें जॉनी को 2 दो साल तक मेहनत करनी पड़ी, क्योंकि जॉनी परिवार के साथ ब्रिटेन में ही रहना चाहते थे।

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