AI के साइड इफेक्ट्स: गेमिंग इंडस्ट्री में इंसानों की जरूरत खत्म कर रहा एआई, एआई से बनाए जा रहे ग्राफिक्स

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 25 Jul 2024 02:00 PM IST
सार

भारत में भी गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इस बीच इंसानों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि AI के कारण गेमिंड इंडस्ट्री में इंसानों की जरूरत खत्म होने वाली है।

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AI impacting jobs in gaming industry using GenAI to create concept art and graphics
GenAI in Gaming - फोटो : freepik

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद से नौकरियों के खत्म होने पर चर्चा हो रही है। अलग-अलग एक्सपर्ट की अलग-अलग राय है, लेकिन यह सच है कि AI के कारण कुछ क्षेत्रों में नुकसान तो हो रहा है। एक इंडस्ट्री है गेमिंग जो हर साल जंगल की आग की तरह बढ़ रही है। भारत में भी गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इस बीच इंसानों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि AI के कारण गेमिंड इंडस्ट्री में इंसानों की जरूरत खत्म होने वाली है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि गेमिंग इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा काम ग्राफिक्स और इंटरफेस को लेकर होता है और यह काम एआई, इंसानों की बजाय बेहतर तरीके से कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक गेम को डेवलप करने वाली कंपनियां ग्राफिक्स और आर्ट्स के लिए GenAI टूल जैसे MidJourney और Dall-E का इस्तेमाल कर रही है। गेमिंग स्टूडियो ने भर्तियों की संख्या काफी हद तक कम कर दी है।

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    रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2023 में गेमिंग इंडस्ट्री में करीब 10,500 लोग एआई के कारण बेरोजगार हुए हैं। इस साल महज 6 महीने में AI के कारण 11,000 लोगों की नौकरी गई है। इस सर्वे में 300 सीईओ और कंपनी के बड़े मैनेजर शामिल थे। करीब 90 फीसदी गेमिंग कंपनियों ने अपने एआई को काम पर लगा दिया है।

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