सरकार का बयान: साइबर फ्रॉड से बचाए 2,400 करोड़ रुपये, 7.6 से अधिक शिकायतों का हुआ निराकरण

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 25 Jul 2024 11:05 AM IST
सार

साद ने अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया में धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला और कहा कि साइबर फ्रॉड के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग शिकायतें कर रहे हैं।

विज्ञापन
Rs 2400 Crore Saved from Cyber Fraudsters MoS IT Highlights Safety Measures
scam - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद को बताया कि 'सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम' ने स्कैमर्स से कम-से-कम 2,400 करोड़ रुपये बचाने में मदद की है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस पहल ने वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के लिए एक मजबूत प्रतिक्रिया सिस्टम का प्रदर्शन करते हुए 7.6 लाख से अधिक शिकायतों को प्रभावी ढंग से संभाला है।

    दरअसल साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर बढ़ती चिंताओं के बीच, केसी वेणुगोपाल ने हाल ही में संसद में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) से कई सवाल पूछे थे जिनके जवाब में जितिन ने ये जानकारी दी। प्रसाद ने अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया में धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला और कहा कि साइबर फ्रॉड के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग शिकायतें कर रहे हैं।

    विज्ञापन

    यह टीम भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14सी) जो कि गृह मंत्रालय के अधीन है के साथ काम कर रही है। इसके लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। नेशनल साइबर क्राइम पोर्ट्ल पर की गई शिकायतों के आधार पर स्कैम के अकाउंट को ब्लॉक किया जाता है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    बता दें कि गृह मंत्रालय समय-समय पर साइबर अपराध को लेकर जागरूकता अभियान चलाता है। सरकारी साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In भी संभावित साइबर अटैक को लेकर समय-समय पर अलर्ट जारी करता रहता है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें