सरकार का बयान: साइबर फ्रॉड से बचाए 2,400 करोड़ रुपये, 7.6 से अधिक शिकायतों का हुआ निराकरण
साद ने अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया में धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला और कहा कि साइबर फ्रॉड के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग शिकायतें कर रहे हैं।

विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद को बताया कि 'सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम' ने स्कैमर्स से कम-से-कम 2,400 करोड़ रुपये बचाने में मदद की है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस पहल ने वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के लिए एक मजबूत प्रतिक्रिया सिस्टम का प्रदर्शन करते हुए 7.6 लाख से अधिक शिकायतों को प्रभावी ढंग से संभाला है।
दरअसल साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर बढ़ती चिंताओं के बीच, केसी वेणुगोपाल ने हाल ही में संसद में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) से कई सवाल पूछे थे जिनके जवाब में जितिन ने ये जानकारी दी। प्रसाद ने अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया में धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला और कहा कि साइबर फ्रॉड के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग शिकायतें कर रहे हैं।
यह टीम भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14सी) जो कि गृह मंत्रालय के अधीन है के साथ काम कर रही है। इसके लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। नेशनल साइबर क्राइम पोर्ट्ल पर की गई शिकायतों के आधार पर स्कैम के अकाउंट को ब्लॉक किया जाता है।
बता दें कि गृह मंत्रालय समय-समय पर साइबर अपराध को लेकर जागरूकता अभियान चलाता है। सरकारी साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In भी संभावित साइबर अटैक को लेकर समय-समय पर अलर्ट जारी करता रहता है।
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