AI: ड्रोन ने रेसिंग प्रतियोगिता में इंसानों को हराया, दुनिया में पहली बार हुआ ऐसा
MavLab (TU Delft यूनिवर्सिटी, नीदरलैंड) की टीम द्वारा बनाए गए AI ड्रोन ने 170 मीटर लंबे ट्रैक के दो लैप सिर्फ 17 सेकेंड में पूरे कर दिए। इस प्रदर्शन ने न केवल उसे AI ग्रैंड चैलेंज जिताया, बल्कि एक प्रोफेशनल मानव पायलट के खिलाफ एक-पर-एक रेस में भी जीत दिलाई, जो DCL Falcon Cup के जरिए क्वालिफाई हुआ था।

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तकनीक और रेसिंग की दुनिया में एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। नीदरलैंड्स की एक टीम द्वारा तैयार किए गए एआई-संचालित ड्रोन ने अबू धाबी में आयोजित एक वास्तविक रेसिंग प्रतियोगिता में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानव ड्रोन पायलटों को हरा दिया। यह रेस A2RLxDCL ऑटोनोमस ड्रोन चैंपियनशिप का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य स्वचालित उड़ान की सीमाओं को चुनौती देना था।
यह इवेंट अबू धाबी के ADNEC Marina Hall में आयोजित हुआ, जिसमें दुनिया भर की 14 टीमें शामिल हुईं जिनमें दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, कनाडा, तुर्की, चीन और UAE जैसे देश थे। सभी टीमों को पूरी तरह से एआई के जरिए अपने ड्रोन कंट्रोल करने थे न कोई रिमोट, न जॉयस्टिक और न ही कोई मानव पायलट। ड्रोन 150 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से एक जटिल इनडोर ट्रैक पर दौड़े, जिसमें चौड़े गेट्स, असमान लाइटिंग और बहुत कम विजुअल संकेत थे।
MavLab (TU Delft यूनिवर्सिटी, नीदरलैंड) की टीम द्वारा बनाए गए AI ड्रोन ने 170 मीटर लंबे ट्रैक के दो लैप सिर्फ 17 सेकेंड में पूरे कर दिए। इस प्रदर्शन ने न केवल उसे AI ग्रैंड चैलेंज जिताया, बल्कि एक प्रोफेशनल मानव पायलट के खिलाफ एक-पर-एक रेस में भी जीत दिलाई, जो DCL Falcon Cup के जरिए क्वालिफाई हुआ था।
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