5G Speed: 5जी इंटरनेट स्पीड को लेकर दावा झूठा, टेलीकॉम कंपनियों पर लगा 20 अरब रुपये का जुर्माना
फेयर ट्रेड कमिशन ने वेरिफाइड टेस्ट रिजल्ट प्रदान किए बिना अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में 5G Speed का दावा करने वाली कंपनियों की आलोचना भी की है।

विस्तार
मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों की ओर से अपनी 5G सेवाओं को लेकर अट्रा फास्ट स्पीड के बड़े-बड़े दावे किये जाते हैं। लेकिन अब टेलीकॉम कंपनी पर 5जी इंटरनेट स्पीड को लेकर झूठा दावा करने पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। टेलीकॉम कंपनियों पर करीब 33.6 बिलियन वोन यानी करीब 209 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना साउथ कोरिया में लगाया गया है और तीन टेलीकॉम कंपनियों पर लगा है।
कोरिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, साउथ कोरिया मोबाइल रेगुलेटर, फेयर ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने ये जुर्माना 5G नेटवर्क स्पीड के बारे में गलत दावा करने और यूजर्स को गुमराह करने वाले विज्ञापन चलाने को लेकर लगाया गया है। तीन कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है, जिसमें SK Telecom, KT और LG Uplus जैसे बड़े नाम शामिल हैं। फेयर ट्रेड कमिशन का आरोप है कि, मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों की विज्ञापन में दिखाई जाने वाली इंटरनेट स्पीड हर एक जगह के लिए वैध नहीं है, बल्कि किसी निश्चित जगह में ही उपलब्ध होती है।
फेयर ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने एसके टेलीकॉम, केटी और एलजी यू+ पर अपने 5जी नेटवर्क के प्रदर्शन को गुमराह करने और बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए जुर्माना लगाया है, जिसमें दावा किया गया है कि केवल बेहद सीमित परिस्थितियों में गति प्राप्त की जा सकती है। फेयर ट्रेड कमिशन ने वेरिफाइड टेस्ट रिजल्ट प्रदान किए बिना अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में तेज गति का दावा करने वाली कंपनियों की आलोचना भी की है।
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