Alert: पुराने Windows OS पर चल रहे 100 करोड़ से ज्यादा कंप्यूटर, जानिए अपग्रेड न करने पर क्या हो सकते हैं खतरे
Microsoft ने इस साल अक्टूबर से Windows 10 अपडेट देना बंद कर दिया है, लेकिन करोड़ों यूजर्स अब भी Windows 11 पर शिफ्ट नहीं हुए। आइए जानते हैं विंडोज को लंबे समय तक अपडेट न करने से क्या नुकसान हो सकते हैं।

विस्तार
माइक्रोसॉफ्ट दुनिया के पर्सनल कंप्यूटर बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। माइक्रोसॉफ्ट आज करोड़ों पर्सनल कंप्यूटर और लैपटॉप में अपने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows OS) का सपोर्ट देता है। हालांकि, अब माइक्रोसॉफ्ट के ही करोड़ों ग्राहक कंपनी के लिए सिरदर्द बन गए हैं। कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी Dell के मुताबिक करीब 500 मिलियन (50 करोड़) पीसी ऐसे हैं जो नए OS पर आराम से चल सकते हैं, फिर भी उन्हें अपग्रेड नहीं किया जा रहा है।
Dell के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जेफ्री क्लार्क ने कंपनी की ताजा Q3 अर्निंग कॉल में कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अपग्रेड न होना पूरे पीसी मार्केट के लिए चिंता का संकेत है। उन्होंने यह भी बताया कि 4 साल से ज्यादा पुराने करीब 50 करोड़ कंप्यूटर ऐसे हैं जो Windows 11 के योग्य नहीं हैं, यानी उनमें नया ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर लगभग 100 करोड़ कंप्यूटर बिना अपग्रेड के चल रहे हैं, जो सिक्योरिटी के नजरिए से इन्हें एक बड़े खतरे में डाल सकता है।
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क्यों फंसा पड़ा है Windows 11 अपग्रेड?
यह पहली बार है कि किसी कंपनी ने पेंडिंग पीसी अपग्रेड को लेकर अधिकारिक तौर पर आंकड़े सामने रखे हैं। क्लार्क ने बताया कि 50 करोड़ पीसी में अपग्रेड की संभावना तो है, लेकिन उन्हें Windows 11 पर लाना आसान नहीं होगा।
आज की तारीख में AI-पावर्ड पीसी की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। ऊपर से रैम और स्टोरेज के दाम में बढ़ोतरी ने नए कंप्यूटर को खरीदना महंगा बना दिया है। ऐसे में करोड़ों लोग या तो कंप्यूटर अपग्रेड को टाल रहे हैं या अनऑफिशियल अपडेट के सहारे सिस्टम चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला पहले Windows XP के साथ भी देखा गया था।
Apple के लिए हो सकता है बड़ा मौका
Windows 11 की सख्त शर्तों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई बार यूजर्स ने माइक्रोसॉफ्ट से अपग्रेड रूल्स में ढील देने की मांग की, यहां तक कि कंज्यूमर बॉडीज ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला को पत्र भी लिखा, लेकिन कंपनी ने अपने नियम नहीं बदले। ऐसे माहौल में अपग्रेड का यह दौर एपल के लिए भी बड़ा मौका साबित हो सकता है, क्योंकि कई यूजर्स सीधे Mac पर जाने का फैसला ले सकते हैं।
AI के वजह से महंगे हो गए कंप्यूटर
AI जबरदस्त रफ्तार के साथ पर्सनल कंप्यूटर्स की दुनिया में शामिल किया जा रहा है, लेकिन इसकी वजह से प्रोडक्ट की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। यूजर्स अपग्रेड करने से पहले कीमतों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इससे आने वाले समय में Windows 11 पीसी को अपनाने की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है।
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विंडोज अपडेट बंद होने के क्या हैं नुकसान?
माइक्रोसॉफ्ट ने 14 अक्तूबर 2025 से Windows 10 के लिए सपोर्ट बंद कर दिया है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम के यूजर्स को कंपनी की ऑफिशियल विंडोज अपडेट या सिक्योरिटी अपडेट मिलना बंद हो गया है। बता दें कि लगातार सिक्योरिटी अपडेट मिलते रहने से कंप्यूटर सिस्टम वायरस, मालवेयर और हैकिंग से सुरक्षित रहता है। अपडेट सिस्टम को स्लो होने से भी बचाता है और लेटेस्ट फीचर्स का भी सपोर्ट मिलता है। विंडोज पहले भी Windows XP, Windows 7 और Windows 8 समेत कई वर्जन्स के पुराने होने पर उनका अपडेट और सपोर्ट बंद कर चुका है।
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