Twitter Hack: बिटक्वाइन स्कैम के लिए 130 लोगों को बनाया गया शिकार, जानें 10 खास बातें

विस्तार
बिल गेट्स, एपल और बराक ओबामा जैसी हस्तियों के ट्विटर अकाउंट होने के बाद ट्विटर की हालत पतली हो गई है। इस हैकिंग के बाद ट्विटर की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस हैकिंग के बाद ट्विटर (Twitter) जांच करने में लगा है कि आखिर यह हैकिंग कैसे हुई। शुरुआती जांच में कंपनी ने कहा है कि उसके किसी कर्मचारी के टूल को हैकर ने एक्सेस किया है जिसके बाद इस हैकिंग को अंजाम दिया गया है।
इस हैकिंग में अब फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन भी कूद पड़ा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस हैकिंग में 130 ट्विटर अकाउंट को निशाना बनाया गया है जिनमें एपल का हैंडल, बिल गेट्स, बराक ओबामा, अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन, उबर, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क जैसी हस्तियों के अकाउंट शामिल हैं। आइए इस हैकिंग के बारे में सिर्फ 10 प्वाइंट में विस्तार से समझते हैं...
- बुधवार यानी 15 जुलाई 2020 को एक साथ कई वेरिफाइड अकाउंट को निशाना बनाया गया। यह हैकिंग एक बिटक्वाइन स्कैम था। जिन लोगों के अकाउंट हैक हुए उनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स, अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क, माइकल ब्लूमबर्ग, एपल और उबर के अकाउंट शामिल हैं। इस सभी अकाउंट को हैक करके लोगों से बिट्क्वाइन डोनेशन की मांग की गई।
- उदाहरण के तौर पर समझें तो बिल गेट्स के अकाउंट पर हैकर ने लिखा कि हर कोई मुझसे कह रहा है कि ये समाज को वापस देने का वक्त है, तो मैं कहना चाहता हूं कि अगले तीस मिनट में मुझे जो पेमेंट भेजी जाएगी, मैं उसका दोगुना लौटाऊंगा। आप 1000 डॉलर्स का बिटक्वाइन भेजिए, मैं 2,000 डॉलर्स वापस भेजूंगा। अभी तक मौजूद जानकारी के मुताबिक इस हैकिंग के बाद हैकर ने 373 ट्रांजेक्शन किए हैं जिसके जरिए उसकी कमाई करीब BTC 12.86252562 हुई है।
- इस हैकिंग के लिए सबसे पहले ट्विटर के कर्मचारी को निशाना बनाया गया। यह एक तरह से सोशल इंजीनियरिंग अटैक था जिसके जरिए हैकर को ट्विटर के इंटरनल सिस्टम और टूल्स के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद हैकर ने कई वेरिफाइड अकाउंट को अपने कब्जे में ले लिया।
- शुक्रवार को Twitter ने कहा कि उसे अभी तक इस बात का प्रमाण नहीं मिला है कि हैकिंग के लिए यूजर के अकाउंट के पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि सभी लोग अपना पासवर्ड बदलें। ट्विटर ने यह भी कहा है कि उसने उन सभी अकाउंट को लॉक कर दिया है जिनके पासवर्ड को पिछले 30 दिनों में बदलने की कोशिश की गई है।
- अतिरिक्त सुरक्षा के लिए ट्विटर ने कुछ यूजर्स के अकाउंट की रीसेटिंग और पासवर्ड चेंज करने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा कई संदिग्ध अकाउंट को लॉक भी किया गया है।
- एक अन्य अपडेट में ट्विटर ने कहा है कि इस हैकिंग में करीब 130 अकाउंट को निशाना बनाया गया है। हैकर के पास अकाउंट का पूरा एक्सेस था जिसके बाद उसने ट्वीट करके लोगों से बिट्क्वाइन में इंवेस्ट करने और उसे डबल करने को कहा। कंपनी ने यूजर्स डाटा डाउनलोडिंग पर भी रोक लगा दी है।
- फिलहाल ट्विटर इस हैकिंग की जांच गंभीरता से कर रहा है और अभी तक कंपनी के पास इस हैकिंग को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
- इस हैकिंग के बाद गूगल ने भी ट्विटर carousel सर्च रिजल्ट से इन अकाउंट्स की जानकारी हटा दी है। बता दें कि इस फीचर को गूगल ने साल 2015 में पेश किया था। इस फीचर की मदद से लोग यूजर्स के ट्वीट को सर्च करते थे।
- ट्विटर अभी तक इस बात का भी पता नहीं लगा पाया है कि इस हैकिंग के पीछे किस हैकर का हाथ है और उसकी लोकेशन क्या है। सिक्योरिटी रिसर्चर ब्रायन क्रेब्स (Brian Krebs) का मानना है कि इस हैकिंग के पीछे इंग्लैंड के 21 वर्षीय सिम स्वैपर का हाथ है। इस हैकर का नाम जोसेफ कॉनर (Joseph Connor) बताया जा रहा है, क्योंकि इस पहले हुई कई हैकिंग के बाद यह हैकर जांच एजेंसियों के राडार पर है।
- ट्विटर के अलावा खुफिया एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (एफबीआई) भी इस हैकिंग को लेकर जांच कर रही है।