Trading Scam: कंगाल कर देता है ट्रेडिंग स्कैम, कैसे फंसाते हैं जालसाज? बचने के लिए क्या करें
ऑनलाइन ठगी के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन दिनों ट्रेडिंग स्कैम चर्चा का नया मुद्दा बना हुआ है। साइबर ठग काफी चालाकी से लोगों को शिकार बनाते हैं। जानें कैसे इस खतरनाक स्कैम से बचा जाए।

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देश में लगातार तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है तो वहीं, कुछ लोग एडवांस होती तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर ठग लोगों को शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके लेकर आ रहे हैं। एक तरफ डिजिटल लेनदेन की वजह से लोगों को काफी आसानी हुई है, वहीं, इन दिनों ट्रेडिंग स्कैम चर्चा का नया विषय बना हुआ है। डिजिटल सिस्टम ने लेनदेन और निवेश को जितना आसान बना दिया है, साइबर ठग लोगों को डिजिटल लेनदेन और निवेश के झांसे में फंसाकर कंगाल कर रहे हैं।
डिजिटल दौर का सबसे नया और चर्चित घोटाला ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम बन चुका है। इस नए स्कैम के बारे में बेहद ही कम लोग जानते हैं। जालसाज खुद को निवेश ब्रोकर बताकर लोगों को अपनी बातों में फंसाता है। इसके बाद साइबर ठग निवेश करने के नाम पर लोगों को फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर नकली ट्रेडिंग कराई जाती है। लोगों को किसी तरह का शक न हो, इसके लिए साइबर ठग स्टॉक और बॉन्ड आदि में निवेश करवाते हैं।
डिजिटल युग में अगर किसी को आसानी से निवेश करने के बाद अच्छा रिटर्न मिल जाए तो कोई भी आसानी से साइबर ठगों के जाल में फंस सकता है। ट्रेडिंग स्कैम में साइबर ठग लोगों को बिना किसी जोखिम के अच्छा मुनाफे का लालच देते हैं। जालसाज लोगों को अपनी बातों में उलझाकर निवेश के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लेते हैं। इसके अलावा ठग फर्जी टैक्स, शुल्क और किसी अन्य माध्यम से पैसे वसूल सकता है। यहां पर आपको बता दें कि अधिकतर ट्रेडिंग स्कैम किसी एप्लीकेशन या फिर मैसेज एप के जरिए अंजाम दिए जाते हैं।