फेसबुक ने बच्चों को दिखाया शराब, जुआ का विज्ञापन, नए डाटा प्रोटेक्शन बिल की हुई मांग
फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में 13 से 17 साल के किशोरों को शराब, धूम्रपान, ऑनलाइन डेटिंग के विज्ञापन दिखाने की मंजूरी दी है।

विस्तार
फेसबुक भले ही दावा करते रहता है कि वह बच्चों के खिलाफ कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर रोकता है लेकिन सच्चाई यह है कि वह वास्तव में इसे रोकता ही नहीं है। फेसबुक की विज्ञापन नीति का पर्दाफाश हुआ है। फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में 13 से 17 साल के किशोरों को शराब, धूम्रपान, ऑनलाइन डेटिंग के विज्ञापन दिखाने की मंजूरी दी है।
बच्चों को इस तरह का विज्ञापन दिखाने का काम फेसबुक बड़ी समझदारी के साथ कर रहा है। वह सीधे तौर पर खुद इस तरह के विज्ञापन नहीं दिखा रहा, लेकिन जो कंपनियां फेसबुक के जरिए इस तरह के विज्ञापन दिखा रही हैं, उन्हें फेसबुक रोक भी नहीं रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के लॉबी ग्रुप रिसेट ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इसका दावा किया है। इस ग्रुप ने ओजी न्यूज नेटवर्क नाम से फेसबुक पेज बनाकर पड़ताल की है जिसमें पता इस बात का खुलासा हुआ है कि फेसबुक खुद इस तरह के विज्ञापन नहीं देता लेकिन जो कंपनियां बच्चों को निशाने पर रखकर शराब, जुआ आदि के विज्ञापन देती हैं, उन्हें ऐसा करने से मना भी नहीं करता।
हैरान करने वाली बात यह है कि पड़ताल के दौरान जब पेज के जरिए विज्ञापन दिया गया तो फेसबुक ने 13 से 17 साल की उम्र के 7.40 लाख किशोरों तक इसे पहुंचाने का प्रस्ताव भी दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो विज्ञापन 18 साल से अधिक उम्र के बच्चों को दिखना चाहिए वो किशोरों को दिखाए जा रहे हैं।
द गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 52 हजार किशोरों तक शराब का विज्ञापन पहुंचाने के लिए फेसबुक 225 रुपये लेता है, वहीं 14 हजार बच्चों तक जुए का विज्ञापन पहुंचाने के 835 रुपये का शुल्क है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलिया की सरकार सख्त हो गई है। इस तरह के विज्ञापनों को रोकने के लिए बच्चों के डाटा के लिए पैरेंट्स से मंजूरी के नियम बनाने की मांग उठी है।