Apps: अब Google खुद बताएगा कौन सा एप पी रहा है आपके फोन की बैटरी, प्ले स्टोर पर दिखेगा नया 'वॉर्निंग' लेबल

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Sun, 08 Mar 2026 04:34 PM IST
सार

गूगल प्ले स्टोर अब उन एप्स को 'लाल झंडी' दिखाएगा जो फोन की बैटरी ज्यादा खर्च करते हैं। नए अपडेट के तहत, बैटरी ड्रेन करने वाले एप्स पर वार्निंग लेबल दिखाई देगा, जिससे यूजर्स को अपनी बैटरी बचाने और सही एप चुनने में मदद मिलेगी।

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गूगल प्ले स्टोर (सांकेतिक) - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    अक्सर हम कई ऐसे एप्स डाउनलोड कर लेते हैं जो फोन की स्क्रीन बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और बैटरी खत्म करते हैं। गूगल ने अब ऐसे एप्स पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। अब Google Play Store पर ऐसे एप्स के पेज पर चेतावनी लेबल दिखाया जाएगा। यह फीचर फिलहाल Android स्मार्टफोन यूजर्स के लिए शुरू किया गया है। इसके अलावा, जिन एप्स की बैटरी खपत बहुत ज्यादा होगी उन्हें Play Store की सिफारिशों से भी हटाया जा सकता है।

    कैसे पकड़े जाएंगे बैटरी ड्रेन करने वाले एप्स?

    गूगल ने इसके लिए एक खास पैमाना तय किया है जिसे 'वेक लॉक' (Wake Lock) मैकेनिज्म कहा जाता है। यह वह तकनीक है जो स्क्रीन बंद होने पर भी फोन के प्रोसेसर (CPU) को चालू रखती है, जैसे म्यूजिक सुनना या लोकेशन ट्रैक करना। गूगल के मुताबिक, अगर कोई एप पिछले 28 दिनों में, इस्तेमाल बंद होने के बाद भी 5% से ज्यादा समय तक बैकग्राउंड में एक्टिव रहता है, तो उसे 'खराब बर्ताव' वाली कैटेगरी में डाल दिया जाएगा।

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    सिर्फ चेतावनी ही नहीं, सजा भी मिलेगी

    गूगल सिर्फ यूजर्स को सावधान ही नहीं कर रहा, बल्कि ऐसे खराब एप्स पर सख्त कार्रवाई भी कर रहा है। जो एप्स बैटरी का ज्यादा दुरुपयोग करेंगे, उन्हें गूगल प्ले स्टोर की 'रिकमेंडेशन लिस्ट' से हटा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि अब घटिया ऑप्टिमाइजेशन वाले एप्स को बढ़ावा नहीं मिलेगा।

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    आम यूजर्स को क्या होगा फायदा?

    बैटरी की लंबी उम्र:

    अब आप उन एप्स को डाउनलोड करने से बच सकेंगे जो आपके फोन की बैटरी लाइफ खराब करते हैं।

    बेहतर परफॉरमेंस:

    इस फीचर से डेवलपर्स पर भी दबाव बनेगा कि वे अपने एप को बेहतर बनाएं ताकि उन्हें प्ले स्टोर पर चेतावनी का सामना न करना पड़े।

    सही चुनाव:

    एप डाउनलोड करने से पहले ही आपको उसकी असलियत पता चल जाएगी।

    यह फीचर अब सभी एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा चुका है। गूगल ने इसे डेवलपर्स के फीडबैक के आधार पर तैयार किया है ताकि एंड्रॉयड इकोसिस्टम को और अधिक यूजर फ्रेंडली बनाया जा सके।

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