Apple का दावा: App Store ने पिछले 5 सालों में $9 बिलियन से अधिक की धोखाधड़ी को रोका

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 28 May 2025 04:03 PM IST
सार

Apple के मुताबिक, 2008 में लॉन्च हुए App Store को हर हफ्ते 813 मिलियन से अधिक विजिटर इस्तेमाल करते हैं, जो 175 देशों/क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इतने बड़े यूजर बेस की सुरक्षा के लिए Apple AI सिस्टम और मानव विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से फर्जी एप्स, स्पैम रिव्यू, और नकली भुगतान जैसी धोखाधड़ी रोकने में जुटा रहता है।

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Apple claims app Store prevented over 9 billion dollars in fraud in last 5 years
Apple App Store - फोटो : Apple

    विस्तार

    Apple ने अपने App Store में धोखाधड़ी से जुड़ी ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया है कि पिछले पांच वर्षों में App Store ने $9 बिलियन (लगभग ₹75,000 करोड़) से ज्यादा की संभावित धोखाधड़ी को रोका है। अकेले 2024 में ही $2 बिलियन (₹16,000 करोड़ से अधिक) की धोखाधड़ी से बचाव किया गया।

    Apple के मुताबिक, 2008 में लॉन्च हुए App Store को हर हफ्ते 813 मिलियन से अधिक विजिटर इस्तेमाल करते हैं, जो 175 देशों/क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इतने बड़े यूजर बेस की सुरक्षा के लिए Apple AI सिस्टम और मानव विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से फर्जी एप्स, स्पैम रिव्यू, और नकली भुगतान जैसी धोखाधड़ी रोकने में जुटा रहता है।

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    • 146,000 से ज्यादा डेवलपर अकाउंट्स को धोखाधड़ी के चलते हटाया गया
    • 139,000 संदिग्ध डेवलपर रजिस्ट्रेशन को मंजूरी नहीं दी गई
    • 711 मिलियन से अधिक फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिशें नाकाम की गईं
    • 129 मिलियन यूजर अकाउंट्स को स्पैम या रैंकिंग में छेड़छाड़ के चलते बंद किया गया
    • 4.6 मिलियन बार पायरेसी एप्स को इंस्टॉल करने या चलाने की कोशिशों को रोका गया
    • Apple की App Review टीम हर हफ्ते औसतन 1.5 लाख एप सबमिशन की समीक्षा करती है।
    • 2024 में 7.7 मिलियन एप सबमिट हुए, जिनमें से 1.9 मिलियन रिजेक्ट हुए (सुरक्षा, गोपनीयता या UX गाइडलाइन उल्लंघन पर)
    • 37,000 एप्स हटाए गए (धोखाधड़ी संबंधी गतिविधियों पर)
    • 43,000 एप्स रिजेक्ट हुए (छुपे हुए कोड या डोक्युमेंटेशन की कमी के चलते)
    • 4 लाख से अधिक ऐप्स गोपनीयता उल्लंघन के चलते अस्वीकार किए गए
    • 3.2 लाख एप्स स्पैम, क्लोनिंग या भ्रामक कंटेंट के चलते रिजेक्ट हुए
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