Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Kali Chaudas 2026 Know Maa Kali Puja Muhurat Rituals Dos and Don'ts in hindi

काली चौदस 2026 आज , जानें मां काली की पूजा के नियम, शुभ मुहूर्त और क्या करें-क्या नहीं

Sat, 07 Nov 2026 10:05 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 07 Nov 2026 10:05 AM IST
सार

Kali Chaudas 2026: काली चौदस आज 7 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिन मां काली की पूजा, अभ्यंग स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, धार्मिक नियम और इस दिन क्या करें और क्या नहीं।

विज्ञापन
Kali Chaudas 2026 Know Maa Kali Puja Muhurat Rituals Dos and Don'ts in hindi
काली चौदस 2026 - फोटो : amar ujala

विस्तार

Kali Chaudas 2026: आज 7 नवंबर 2026, शनिवार को काली चौदस का पर्व मनाया जा रहा है। इसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस से भी जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन मां काली की आराधना, नकारात्मकता से मुक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन भक्त मां काली की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-शांति तथा सुरक्षा की कामना करते हैं। काली चौदस की रात निशीथ काल में पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अलावा सुबह अभ्यंग स्नान, शाम को दीपदान और हनुमान जी की आराधना करने की भी परंपरा है। आइए जानते हैं काली चौदस 2026 पर मां काली की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

विज्ञापन

काली चौदस 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल काली चौदस 7 नवंबर 2026 को मनाई जा रही है। मां काली की निशीथ काल पूजा के लिए शुभ समय 7 नवंबर की रात 11 बजकर 41 मिनट से 8 नवंबर को देर रात 12 बजकर 33 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु मां काली के सामने दीपक जलाकर फूल, धूप और नैवेद्य अर्पित कर सकते हैं। अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार मंत्र जाप और ध्यान भी कर सकते हैं।

विज्ञापन


छोटी दिवाली आज, भद्रा का भी साया, जानें पूजा और दीपदान का शुभ समय

विज्ञापन
विज्ञापन

काली चौदस पर क्या करना चाहिए?

  • काली चौदस पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करने की परंपरा है। इस दिन तिल या सरसों के तेल से मालिश करने के बाद उबटन लगाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसे अभ्यंग स्नान कहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे तन और मन की शुद्धि होती है।

  • इस दिन मां काली की आराधना का विशेष महत्व है। पूजा स्थल को साफ करके मां के सामने दीपक जलाएं। उन्हें लाल फूल, धूप और फल अर्पित करें। इसके बाद मां काली का ध्यान करते हुए परिवार की सुख-शांति और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करें।

  • काली चौदस पर हनुमान जी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन हनुमान मंदिर जाकर दर्शन कर सकते हैं। घर पर हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अच्छा माना जाता है।

  • काली चौदस की शाम घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाने की परंपरा है। इस दिन यमराज के नाम से दक्षिण दिशा में दीपदान भी किया जाता है। कई परिवारों में 14 दीपक जलाने की परंपरा निभाई जाती है।

  • रात के समय मां काली का ध्यान और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मां के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इससे मन को एकाग्र करने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

  • कुछ परिवारों में काली चौदस की रात सरसों के तेल या घी के दीपक से काजल बनाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे बुरी नजर से बचाव से जोड़ा जाता है। हालांकि, आंखों में लगाने के लिए केवल सुरक्षित और स्वच्छ उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

नरक चतुर्दशी 2026: छोटी दिवाली पर जरूर करें ये 4 काम, यम दीपदान से लेकर 14 दीपक जलाने तक जानें परंपराएं

काली चौदस पर क्या नहीं करना चाहिए?

  • घर में गंदगी और अव्यवस्था न रखें। पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें।

  • किसी से झगड़ा, विवाद या अपशब्द कहने से बचें।

  • मन में किसी के प्रति ईर्ष्या, द्वेष या बुरी भावना न रखें।

  • पूजा के दौरान जल्दबाजी न करें और श्रद्धा के साथ सभी धार्मिक कार्य करें।

  • बिना उचित जानकारी के किसी भी प्रकार की तांत्रिक साधना या जोखिम भरे अनुष्ठान न करें।

  • आंखों में असुरक्षित तरीके से तैयार किया गया काजल न लगाएं।

काली चौदस का धार्मिक महत्व
काली चौदस को मां काली की शक्ति और उपासना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां काली बुराई का नाश करने वाली और अपने भक्तों की रक्षा करने वाली देवी हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से भय, नकारात्मकता और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। काली चौदस का पर्व हमें बुराइयों को त्यागकर सकारात्मकता, साहस और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है। इसलिए इस दिन श्रद्धालु पूजा-पाठ, दीपदान और मंत्र जाप के जरिए मां काली का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।

नरक चतुर्दशी 2026: छोटी दिवाली पर नहीं करने चाहिए ये काम, जानें इस दिन यम दीप क्यों जलाया जाता है?

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed