Hamirpur: मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे जिप कैडर के कर्मचारी
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जिला परिषद अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ विकास खंड हमीरपुर इकाई के समस्त जिला परिषद कर्मचारी शनिवार को विकास खंड कार्यालय परिसर हमीपुर के बाहर अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शनिवार को जिलेभर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा समेत अन्य विकास कार्य प्रभावित हुए। महासंघ के इकाई अध्यक्ष नरेंद्र कानूनगो ने कहा कि जिला परिषद कैडर में विभिन्न कर्मचारी पिछले बीस वर्षों से विभाग में विलय की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से उपेक्षा होने के कारण यह कर्मचारी वित्तीय लाभों से वंचित हैं।
विभाग का काम इतने लंबे समय से करने के बावजूद विभाग इन्हें सरकारी कर्मचारी नहीं मान रही है। न ही इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया गया और न ही अन्य सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर इन्हें संधोधित वेतनमान का लाभ दिया गया है। इससे समस्त जिला परिषद वर्ग अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। संघ ने सरकार से मांग की है कि जिला परिषद के समस्त कर्मचारियों को अविलंब विभाग में समायोजित किया जाए।
जब तक सरकार जिला परिषद वर्ग की मांगों को नहीं मान लेती यह कर्मचारी वर्ग काम पर वापस नहीं लौटेगा। इस दौरान अजय, राजेश कुमार, अमित गौतम, लता देवी, इंदु बाला, बिंदु बाला, कर्ण सिंह, प्रताद चंद, मनोहर, अंकिता, कमलेश, विंदो ठाकुर, माया देवी, सोनिका शर्मा, नीलम कुमारी, विनोद कुमार, विजय ठाकुर, ओम प्रताप आदि उपस्थित रहे। वहीं, जिला परिषद खंड विकास सुजानपुर के कर्मचारी भी ब्लॉक कार्यालय के बाहर पंचायती राज विभाग में मर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
संघ के पदाधिकारी मनजीत रागड़ा ने कहा कि हम शिमला रैली में गए थे। लेकिन हमें वहां से निराश होकर लौटना पड़ा। सरकार से मांग है कि उनका विभाग में विलय किया जाए। जितनी जल्द हो सके विभाग में विलय किया जाए। जिले में 202 के करीब जिला परिषद अधिकारी एवं कर्मचारी हैं।