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युग के हत्यारों को होगी सजा, कोर्ट ने तीन आरोपियों को करार दिया है दोषी

Sun, 12 Aug 2018 04:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 12 Aug 2018 04:52 PM IST
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yug kidnapping and murder case court may announce punishment on monday

राजधानी शिमला स्थित रामबाजार के चार वर्षीय मासूम बच्चे युग के फिरौती के लिए अपहरण और उसके बाद निर्मम हत्या के मामले में तीनों दोषियों की सजा का एलान सोमवार को हो सकता है। बीते सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने तीनों को विभिन्न धाराओं के तहत अपहरण और हत्या का दोषी माना था। सजा पर दोनों पक्षों की बहस के लिए सोमवार का दिन तय किया गया है।

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अदालत दोषी करार दिए चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पाल और विक्रांत बख्शी को सोमवार को सजा सुना सकती है। एक साल चले ट्रायल के बाद अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में 800 पन्नों की जजमेंट दी है। इसमें तीनों को हत्या, अपहरण, बंधक बनाने, साक्ष्य मिटाने और हत्या का षड्यंत्र रचने का दोषी करार दिया है।
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शहर के कारोबारी विनोद गुप्ता के मासूम बेटे युग का फिरौती के लिए 14 जून, 2014 को अपहरण हुआ था। अभियोजन के अनुसार हत्यारों ने 23-24 जून की रात को युग को पत्थर से बांधकर भराड़ी पेयजल टैंक में फेंक दिया था। इसका पता सीआईडी की जांच में चला। अपहरण के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन पुलिस के असफल रहने पर केस सीआईडी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया। 20 अगस्त, 2016 को सीआईडी ने विक्रांत को गिरफ्तार किया।

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मासूम के गले में बड़ा पत्थर बांधकर जिंदा फेंक दिया था टैंक में

yug kidnapping and murder case court may announce punishment on monday

अपहरण के दो साल बाद 22 अगस्त, 2016 को विक्रांत की निशानदेही पर सीआईडी ने भराड़ी पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद किया। इसी दिन चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पॉल को गिरफ्तार किया। इतने दिन पेयजल टैंक में कंकाल रहा और वही पानी संबंधित इलाकों में सप्लाई भी होता रहा। 25 अक्तूबर, 2016 को सीआईडी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ  चार्जशीट पेश की।

20 फरवरी, 2017 को इस अपहरण और हत्या के मामले का शुरू हुआ ट्रायल 27 फरवरी, 2018 तक चला। सीआईडी द्वारा पेश चार्जशीट में शामिल कुल 130 गवाहों में से 105 की गवाही हुई और एक गवाह मुकर गया। सोमवार दोपहर करीब 2:25 बजे तीनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया और अदालत ने तीनों को दोषी करार दिए जाने का फैसला सुनाया।

इस जघन्य अपराध के अदालत में चल रहे केस के फैसले का युग के माता-पिता और परिजनों सहित पूरे शहर को बेसब्री से इंतजार था, जो अब समाप्त हो गया है। अब अदालत इसमें दोषी करार दिए तीनों आरोपियों को क्या सजा सुनाती है, इस पर सबकी निगाह रहेगी।

तीनों दोषी युग को मोबाइल पर वीडियो गेम खेलने का लालच देकर गोदाम में ले गए और वहां उसके हाथ-पांव और मुंह पर टेप बांध दी। एक पेटी में डालकर उसे गाड़ी में राम चंद्रा चौक के पास किराये के मकान में ले जाया गया। मासूम युग को कई यातनाएं दी गईं। नशे में आरोपी उसे बुरी तरह प्रताड़ित करते रहे। बाद में पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने युग के गले में एक बड़ा पत्थर बांधकर नगर निगम के पानी के स्टोरेज टैंक में जिंदा फेंक दिया।

युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि मेरे चार साल के मासूम बच्चे का अपहरण, उसे यातना दे-दे कर मारने वाले तीनों हत्यारों को फांसी की सजा भी कम है। उन्हें फांसी पर लटका देना चाहिए।

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