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Shimla: चिट्टे से रोगों की चपेट में आ रहे युवा, अकस्मात मौत का भी खतरा

Wed, 20 Nov 2024 01:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 20 Nov 2024 01:48 PM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक चिट्टे का सेवन करने वाले युवाओं की सेहत को लेकर परिजन संवेदनशील नहीं हैं। इस वजह से नशे के आदी युवा लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। 

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Youth are getting affected by diseases due to chitta, there is also a risk of sudden death
अलख जगाओ, नशा भगाओ अभियान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिट्टे की ओवरडोज से युवाओं की अकस्मात मौत का खतरा रहता है।  यह नशा हेपेटाइटिस-सी, एचआईवी, ब्रेन स्ट्रोक, टीबी समेत हृदय की गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक चिट्टे का सेवन करने वाले युवाओं की सेहत को लेकर परिजन संवेदनशील नहीं हैं। इस वजह से नशे के आदी युवा लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि चिट्टे का इंजेक्शन से सेवन करने वालों को सीरिंज आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती है।  ऐसे में नशे के आदी युवा एक दूसरे की इस्तेमाल की गई सीरिंज का प्रयोग करते हैं।

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चिंता की बात यह है कि इससे संक्रमित युवा अन्य युवाओं में भी संक्रमण फैला रहा है। इससे युवा एचआईवी से भी ग्रस्त हो जाते हैं।   हर समय नशे में रहने के कारण ऐसे युवा अपनी सेहत को लेकर पूरी तरह से लापरवाह होते हैं। इससे हेपेटाइटिस-सी होने का सबसे अधिक खतरा रहता है। लीवर संक्रमण का समय पर उपचार नहीं करवाने के कारण युवा लीवर फाइब्रोसिस, सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों पीड़ित हो जाते हैं।   चिट्टे का सेवन करने वालों में होने वाली बीमारियों को लेकर परिजनों में जागरुकता की कमी के कारण वह इनके उपचार के लिए संवेदनशील नहीं हैं। 
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चिकित्सकों के मुताबिक वायरल हेपेटाइटस हेपेटाइटिस-सी के अलावा नशे के आदी युवा हेपेटाइटस-बी से भी पीड़ित पाए गए हैं। युवा गुप्त स्थानों का नशा करते हैं। ऐसे में युवा बंद कमरों, गलियों और गाड़ियों में घंटों बैठे रहते हैं। इन स्थानों वायु संचालन की उचित व्यवस्था नहीं होती है। इस वजह से युवा श्वास की गंभीर बीमारियों जैसे निमोनिया और टीबी से ग्रसित हो रहे हैं। उचित आहार नहीं लेने से ऑस्टियोमाइलाइटिस के शिकार हो जाते हैं। यह हड्डियों का 
संक्रमण होता है।

हृदय रोग का भी रहता है खतरा
चिकित्सकों के मुताबिक इंजेक्शन से चिट्टे का सेवन करने पर युवा हृदय की गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। इंजेक्शन से चिट्टा लेने पर यह नशा रक्त के जरिये हृदय से होकर दिमाग और शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचता है। ऐसे में नशे का सेवन करने वालों को इनफेक्टिव एंडोकार्डिटिस होने का खतरा रहता है। यह हृदय वाॅल्व या एंडोकार्डियम में होने वाला संक्रमण है। इससे पीड़ित मरीज को रात के समय तेज बुखार आना, पसीना आने जैसे लक्षण होते हैं। नसों में बार-बार इंजेक्शन से नशा लेने के कारण नसें बंद होना, मवाद पड़ जाना और गिल्टियां तक हो जाती हैं। वहीं चिट्टे में नशीली दवाइयों की मिलावट के कारण युवा लकवे और इक्यूट डिस्टोनिया के शिकार भी हो रहे हैं।

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चिट्टे का सेवन करने से युवा कई तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसको देखते हुए परिजनों को अपने बच्चों की सेहत को लेकर संवेदनशील होने की जरूरत है। साथ ही नियमित रूप से ऐसे युवाओं की चिकित्सा जांच करवानी चाहिए। नशा छोड़ने के लिए नियमित परामर्श की जरूरत रहती है।-डाॅ. निधि शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, मनोरोग विशेषज्ञ, आईजीएमसी

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