Young Researcher Award: नौणी विश्वविद्यालय के डॉ. प्रमोद को युवा शोधकर्ता पुरस्कार
सम्मेलन का आयोजन एशियन पीजीपीआर सोसायटी (एपीएसएसए) और मलयेशियाई पीजीपीआर सोसायटी की ओर से यूनिवर्सिटी पुत्रा मलयेशिया में किया गया। इस सम्मेलन का विषय फसल उत्पादकता और सुरक्षा में सुधार के लिए लाभकारी सूक्ष्मजीवों के साथ कृषि रहा।
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हिमाचल प्रदेश के नौणी विवि के फल विज्ञान विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद शर्मा को मलयेशिया में आयोजित सतत कृषि पर 7वें एशियाई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पीजीपीआर में उत्कृष्ट युवा शोधकर्ता पुरस्कार से नवाजा गया है। सम्मेलन का आयोजन एशियन पीजीपीआर सोसायटी (एपीएसएसए) और मलयेशियाई पीजीपीआर सोसायटी की ओर से यूनिवर्सिटी पुत्रा मलयेशिया में किया गया। इस सम्मेलन का विषय फसल उत्पादकता और सुरक्षा में सुधार के लिए लाभकारी सूक्ष्मजीवों के साथ कृषि रहा। सम्मेलन का उद्घाटन मलयेशिया के कृषि और खाद्य उद्योग मंत्री वाईबी दातुक सेरी, डॉ. रोनाल्ड कियांडी और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. एमएस रेड्डी ने किया।
इस सम्मेलन के दौरान सोसायटी ने डॉ. शर्मा की सेवा, वैज्ञानिक नवाचारों और महत्वपूर्ण उपलब्धियों के आधार पर इस पुरस्कार से नवाजा। दुनियाभर के 65 देशों के 175 से अधिक वैज्ञानिकों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन के दौरान डॉ. शर्मा को स्ट्रॉबेरी के उत्पादन पर जिंक नैनो-फर्टिलाइजेशन और जिंक सोल्यूबिलाइजिंग पीजीपीआर का प्रभाव नामक शोध पत्र पर मौखिक प्रस्तुति के लिए प्रशंसा पत्र से भी सम्मानित किया गया। इस शोध पत्र पर डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. नवीन चंद शर्मा, डॉ. डीपी शर्मा, सिमरन सैनी, दिव्या जोशी और डी बालचंदर ने कार्य किया है। नौणी विवि के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने डॉ. प्रमोद शर्मा को उनके प्रयासों और इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।