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शिक्षा को नई दिशा देने वाले सरकारी स्कूलों के 17 शिक्षकों को राज्यपाल ने किया सम्मानित
Mon, 05 Oct 2020 05:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 05 Oct 2020 05:30 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
विश्व शिक्षक दिवस पर सोमवार को प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 17 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पांच साल में सौ फीसदी परिणाम और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए काम करने पर इन शिक्षकों को यह पुरस्कार दिया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने पीटरहॉफ में शिक्षकों को शॉल, टोपी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पुरस्कार के तौर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों को एक साल और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार दिया गया।
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सम्मानित किए गए शिक्षकों में तीन प्रिंसिपल, एक मुख्य अध्यापक, तीन प्रवक्ता, दो डीपीई, एक टीजीटी, दो सीएंडवी, एक पीईटी, चार जेबीटी शामिल रहे। शिक्षकों के साथ एक-एक परिजन भी शामिल हुए। इस अवसर पर एमसी शिमला की महापौर सत्या कौंडल, शिक्षा सचिव राजीव शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा शुभकरण सिंह, परियोजना निदेशक एसएसए आशीष कोहली मौजूद रहे।
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राज्यपाल बोले, गूगल से ज्यादा ज्ञान गुरुओं के पास
राज्यपाल ने शिक्षकों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि गूगल से ज्यादा ज्ञान गुरुओं के पास होता है। शिक्षकों पर भविष्य के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेवारी होती है। उन्होंने कहा कि पुरस्कृत होने वाले शिक्षकों की जिम्मेवारी अब और अधिक बढ़ गई है।
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शिक्षा मंत्री ने संस्कृत भाषा से की संबोधन की शुरूआत
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने संस्कृत भाषा में संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच शिक्षक सम्मान समारोह को पहले वर्चुअल कराने की योजना थी लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार शिक्षकों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण है। ऐसे में इसे एहतियात बरतते हुए समारोह किया जाए।
होम आइसोलेशन के चलते कार्यक्रम में नहीं आए मुख्यमंत्री
समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी बतौर विशेष अतिथि शामिल होना था लेकिन होम आइसोलेशन में होने के चलते वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।