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Shimla News: शकरोड़ी पहुंची विश्व बैंक की टीम सतलुज योजना का किया निरीक्षण
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शकरोड़ी से शहर के लिए शुरू हो चुकी है आपूर्ति
अब पानी शुद्ध करने के लिए लगाया जा रहा ओजोनेशन प्लांट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में 24 घंटे पेयजल सुविधा देने के लिए तैयार की जा रही सतलुज पेयजल परियोजना का जायजा लेने के लिए विश्व बैंक टीम ने शनिवार को शकरोड़ी का दौरा किया। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में यहां पंप हाउस, पंपिंग स्टेशन, टैंकों और पेयजल लाइन का निरीक्षण किया गया।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि शकरोड़ी से सतलुज का पानी अब शिमला शहर के लिए सप्लाई किया जा रहा है। पहले चरण में 42 एमएलडी पानी लिफ्ट होना है। हालांकि, अभी शिमला शहर में पानी की जरूरत कम है। इसलिए अभी कम आपूर्ति ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि शकरोड़ी में पानी शुद्ध करने के लिए अब ओजोनेशन प्लांट भी लगाया जा रहा है। सरकार की ओर से इसे मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इसका काम शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार इस तकनीक से पानी शुद्ध किया जाएगा। विश्व बैंक टीम को बताया कि सतलुज नदी का पानी शिमला पहुंचाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। विश्व बैंक टीम ने ढली से लेकर इस योजना के अन्य पंपिंग स्टेशनों का भी दौरा किया है। इस दौरान कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर, महाप्रबंधक राजेश कश्यप, एजीएम दिनेश भारद्वाज, सहायक अभियंता रंजीव शर्मा, कनिष्ठ अभियंता प्रवीण समेत साईं इंजीनियरिंग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
शिमला को मिलना है 66 एमएलडी पानी
राजधानी को 24 घंटे पानी देने के लिए तैयार की गई सतलुज पेयजल परियोजना से रोजाना शहर को 66 एमएलडी पानी मिलेगा। हालांकि, साल 2035 तक शिमला शहर के लिए इस परियोजना से 42 एमएलडी पानी ही लिफ्ट किया जाएगा। यह परियोजना प्रदेश की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना है। विश्व बैंक की मदद से इसे तैयार किया जा रहा है।
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अब पानी शुद्ध करने के लिए लगाया जा रहा ओजोनेशन प्लांट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में 24 घंटे पेयजल सुविधा देने के लिए तैयार की जा रही सतलुज पेयजल परियोजना का जायजा लेने के लिए विश्व बैंक टीम ने शनिवार को शकरोड़ी का दौरा किया। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में यहां पंप हाउस, पंपिंग स्टेशन, टैंकों और पेयजल लाइन का निरीक्षण किया गया।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि शकरोड़ी से सतलुज का पानी अब शिमला शहर के लिए सप्लाई किया जा रहा है। पहले चरण में 42 एमएलडी पानी लिफ्ट होना है। हालांकि, अभी शिमला शहर में पानी की जरूरत कम है। इसलिए अभी कम आपूर्ति ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि शकरोड़ी में पानी शुद्ध करने के लिए अब ओजोनेशन प्लांट भी लगाया जा रहा है। सरकार की ओर से इसे मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इसका काम शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार इस तकनीक से पानी शुद्ध किया जाएगा। विश्व बैंक टीम को बताया कि सतलुज नदी का पानी शिमला पहुंचाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। विश्व बैंक टीम ने ढली से लेकर इस योजना के अन्य पंपिंग स्टेशनों का भी दौरा किया है। इस दौरान कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर, महाप्रबंधक राजेश कश्यप, एजीएम दिनेश भारद्वाज, सहायक अभियंता रंजीव शर्मा, कनिष्ठ अभियंता प्रवीण समेत साईं इंजीनियरिंग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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शिमला को मिलना है 66 एमएलडी पानी
राजधानी को 24 घंटे पानी देने के लिए तैयार की गई सतलुज पेयजल परियोजना से रोजाना शहर को 66 एमएलडी पानी मिलेगा। हालांकि, साल 2035 तक शिमला शहर के लिए इस परियोजना से 42 एमएलडी पानी ही लिफ्ट किया जाएगा। यह परियोजना प्रदेश की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना है। विश्व बैंक की मदद से इसे तैयार किया जा रहा है।
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