कार्यकर्ताओं की चुप्पी से बढ़ी भाजपा की मुश्किलें, ये है पूरा मामला
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सूबे की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक वीरवार को संपन्न हो गई। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल से लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर सरीखे नेताओं ने कार्यकर्ताओं में अगले लोकसभा चुनाव को लेकर जोश भरने का प्रयास किया।
कई तरह के अभियान व कार्यक्रमों की रूपरेखा भी रखी लेकिन कार्यकर्ताओं की चुप्पी ने नेताओं के माथे पर परेशानी के बल ला दिए हैं।दरअसल, कार्यसमिति के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं के लिए खुला सत्र रखा गया था। अपील की गई कि वे चुनावों को देखते हुए संगठन-सरकार के कामकाज पर अपने विचार रखें। यूं तो प्रदेश के नेताओं से लेकर कार्यकर्ता तक यदा कदा सरकार की कार्यशैली और बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों व काम न होने को लेकर दबी जुबान में अपनी नाराजगी जताते रहे हैं।
खुले सत्र के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साधे रखी
लेकिन वीरवार को खुले सत्र के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साधे रखी। सकारात्मक सुझावों के बजाय कुछ कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर सवाल उठा दिए। वैसे तो कुशल संचालकों की टीम ने उन सवालों को सही ट्रीटमेंट देकर रफा-दफा कर दिया।
लेकिन कार्यकर्ताओं के इस रवैये को गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। चूंकि विपक्षी दलों के एकजुट होने की कवायद के बीच 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए एक-एक सीट कीमती हो रही है। ऐसे में कार्यकर्ता अगर बोलना छोड़ रहा है तो यह सही संकेत नहीं है।
नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कार्यसमिति की बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं के इस व्यवहार को नोट किया है और संभव है कि आने वाले समय में सरकार में बैठे नुमाइंदों से इस संबंध में बात की जाएगी।