Bhanupalli-Bilaspur Railline: भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन के तीसरे चरण का काम सितंबर से, मशीनरी पहुंची
तीसरे चरण में बिलासपुर के मंडी-भराड़ी से बामटा तक छह किलोमीटर लंबे ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। पटरी बिछाने के लिए एचजी इंफ्रा कंपनी तीन किलोमीटर लंबे दो वायडक्ट बनाएगी।
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भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के तीसरे चरण का काम सितंबर से शुरू हो जाएगा। तीसरे चरण में बिलासपुर के मंडी-भराड़ी से बामटा तक छह किलोमीटर लंबे ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। पटरी बिछाने के लिए एचजी इंफ्रा कंपनी तीन किलोमीटर लंबे दो वायडक्ट बनाएगी। कंपनी बामटा में अपना कंक्रीट मिक्सचर प्लांट भी लगा रही है, जबकि मशीनरी आदि भी साइट पर पहुंच गई है। मंडी-भराड़ी से बध्यात तक छह किलोमीटर लंबी पटरी बिछाने के लिए आठ पुलों और दो वायडक्ट बनाए जाने हैं।
इनकी लागत करीब 500 करोड़ होगी। रेल विकास निगम ने मंडी भराड़ी के पास बन रही रेल लाइन की सुरंग नंबर 16 से आगे तीन किलोमीटर लंबाई के पुल का निर्माण कार्य एसपीएल कंपनी को आवंटित किया है। इससे आगे एक और दो किलोमीटर लंबे दो वायाडक्ट बनाने का काम एजी इंफ्रा कंपनी को दिया है। एजी इंफ्रा कंपनी अपना काम सितंबर से शुरू कर देगी।
बामटा से आगे बध्यात में भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन का सबसे बड़ा स्टेशन बनेगा, जिसका निर्माण मैक्स कंपनी करेगी। बता दें कि मंडी-भराड़ी से बध्यात तक जो छह किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछाया जाएगा, उसमें से सिर्फ आधा किलोमीटर ट्रैक जमीन पर होगा जबकि बाकी साढ़े पांच किलोमीटर लंबा ट्रैक वायडक्ट और पुल पर ही होगा। गोबिंद सागर झील के एकदम किनारे पुलों और वायडक्ट पर बनने वाले इस रेल ट्रैक से प्राकृति का सुंदर नजारा दिखाई देगा।
पहले और दूसरे चरण का काम भी जारी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के पहले और दूसरे चरण का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है। पहले चरण के तहत उपमंडल श्री नयनादेवी जी धरोट तक 20 किलोमीटर का ट्रैक बिछाया जाएगा।
इसके आगे मंडी-भराड़ी तक दूसरे चरण का काम किया जा रहा है। पहले और दूसरे चरण में कुल 16 सुरंग बनाई जा रही हैं। भानुपल्ली से बैरी तक कुल 63.1 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनाई जाएगी। बिलासपुर तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2025 रखा गया है।
तीसरे चरण में तीन किलोमीटर लंबे दो वायडक्ट का काम एचजी एफ्रा कंपनी करेगी। बामटा में मिक्सचर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसकी टेस्टिंग के बाद सितंबर में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।-मोहन राठौड़, सीनियर मैनेजर, एचजी एफ्रा।