हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- तथ्यों के साथ सदन में आए विपक्ष, प्रदेश की संपदा लूटने वालों पर होगी कार्रवाई
मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को तथ्यों के साथ सदन में आने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि 20 साल में पहली बार 10 दिन का सत्र बुलाया गया है।
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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भाजपा पर जमकर निशाना साधा। मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को तथ्यों के साथ सदन में आने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि 20 साल में पहली बार 10 दिन का सत्र बुलाया गया है। विधायक डॉ. जनक राज पर विजिलेंस जांच को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार बदले की भावना से काम नहीं कर रही है। प्रदेश की संपदा को लूटने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विधायक को जांच के लिए बुलाया गया है और उन्हें जवाब देकर तथ्य बताने चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन किए गए अभी और तथ्य सामने आ रहे हैं। उस समय जनक राज आईएमसी के मेडिकल सुपरिटेडेंट थे। पेपर लीक मामले पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब हिमाचल में पेपर लीक हुआ था तो क्या भाजपा के पैरों में बेड़ियां पड़ी थीं। उनकी सरकार ने पेपर लीक मामले में कार्रवाई कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा है।
सरकार शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करना चाहती है। पब्लिक सर्विस कमीशन में पहली बार लिखित परीक्षा के नंबर जोड़ने का फैसला लिया गया है और सरकारी नौकरियों में सिफारिश की कोई गुंजाइश नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्वेत पत्र ला रही है, जिससे जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी होगा और पता चलेगा कि किसने हिमाचल की संपदा को लूटने का काम किया। उन्होंने विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष से कहा कि विरोध और वाकआउट करें, लेकिन सरकार को भी बोलने दें। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि चुनाव के चलते सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए विपक्ष हंगामा कर सकता है।
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक और दिल्ली दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई है और सीडब्ल्यूसी पार्टी का कार्यक्रम तय करेगी। मानसून सत्र के बाद वह दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार के सामने हिमाचल के हक का मुद्दा उठाएंगे। बीबीएमबी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। अगर फैसला हिमाचल के हक में आता है तो प्रदेश को हर साल 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
विपक्ष की भूमिका रहेगी सकारात्मक, पर बदले की भावना बर्दाश्त नहीं : जयराम
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी। अगर हमारी बात को गंभीरता से लिया जाएगा तो हम साथ देंगे और अगर बात टालने की कोशिश होगी तो विपक्ष सदन के अंदर और बाहर जनता की आवाज बनकर सरकार को अपनी बात मानने के लिए विवश कर देगा। वीरवार को सर्वदलीय बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सदन की गंभीरता को समझे और मुख्यमंत्री और उनके मंत्री ठीक बात बोलेंगे तो उनकी बात सुनी जाएगी और लोकतंत्र की आवाज कुचलने का प्रयास किया तो मुंहतोड़ जवाब भी विपक्ष देगा। जनता की आवाज प्रभावी ढंग से उठाई जा सके उसके लिए हम पूरा प्रयत्न करेंगे। बहुत सारी चीजें सरकार के व्यवहार पर निर्भर करती है। हम जनहित के मुद्दे छोड़ेंगे नहीं।
पिछले कुछ समय से सरकार ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ़ बदले भी भावना से मामले दर्ज करने की एक सीरीज सी चला रखी है जो स्वस्थ परंपरा नहीं है। मामले गंभीर हैं तो जांच होनी चाहिए लेकिन अगर आप चाहते हैं कि विपक्ष की आवाज कैसे दबाई जाए ऐसा हम होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि औपचारिक बैठक में स्पीकर के समक्ष मामला उठाया है कि पिछले चार साल में सरकार का रवैया ऐसा रहा है कि कोई भी विपक्ष का सदस्य सवाल पूछता है तो कहा जाता है कि सूचना एकत्र की जा रही है। अधिकारी सूचना आगे सरकार तक दे देते हैं लेकिन सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री जानबूझकर कहते है सूचना एकत्र की जा रही है। कुछ विभागाध्यक्ष जानबूझकर सूचना छिपाने का काम करते हैं। मजबूरन हमें सूचना का अधिकार कानून का सहारा लेकर वही सूचना सदन में रखनी पड़ती है। मुख्यमंत्री का व्यवहार सदन में सही नहीं होता। कई बार तो ये निम्नतम स्तर पर पहुंच जाता है। मुख्यमंत्री ठीक बात करेंगे तो हम उनको सुनेंगे।