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Medical College Hamirpur: अस्पताल में डेढ़ घंटे तक ठप रहा पर्ची बनाने का कार्य, मरीजों में पनपा रोष

Thu, 18 Jul 2024 03:50 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 18 Jul 2024 03:50 PM IST
सार

मरीज सुबह सात बजे से कतार में लगे थे और 11 बजे तक पर्ची भी नहीं बन पाईं। हाल हैं डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के। दिक्कत थी अस्पताल मैनेंजमेंट सिस्टम में। पढ़ें पूरा मामला...

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work of making prescription remained stalled in Medical College Hamirpur
पर्जी बनवाने के लिए लाइनों में लगे मरीज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में गुरुवार को दो घंटे तक पर्चियां नहीं बन पाईं। मरीज सुबह सात बजे से कतार में लगे थे और 11 बजे तक पर्ची भी नहीं बन पाईं। अस्पताल में सैंकड़ों की संख्या में मरीज कतार में लगे थे। इतनी भीड़ थी कि पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची थी। मरीजों में खूब धक्का मुक्की हुई। इतनी भीड़ थी कि मरीज कतार में भी खड़े नहीं हो पा रहे थे।  इतनी गर्मी में मरीजों को खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था।

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इस वजह से नहीं बनी पर्ची
अस्पताल में अस्पताल मैनेंजमेंट सिस्टम नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्थापित किया गया है। जिसका कंट्रोल अभी शिमला से ही हो रहा है। ऐसे में यह सिस्टम काम नहीं कर रहा था जिस कारण पर्चियां नहीं बन पा रही थीं। वहीं मरीजों ने कहा कि जिनकी जान पहचान थी उनकी पर्चियां सिफारिश पर बन रही थीं और जो लोग कतार में लगे थे जब वह इस बात का विरोध कर रहे थे तब वह बात भी नहीं सुनी गई।
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जान पहचान वालों के काम करने के आरोप
घुमारवीं से आए मरीज रमेश चंद ने कहा कि पहले तो इनका सिस्टम नहीं चल रहा था और जब चला तो जो लोग इनकी जान पहचान के थे उनकी पर्चियां ही बनाते रहे। उन्होंने कहा कि जो मरीज कतार में लगे हैं उनको बेवकूफ बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इतनी दूर आने पर भी पर्ची नहीं बन पाई, जबकि सुबह सात बजे से कतार में लगे और 11 बजे तक कतार में ही लगे रहे।

अन्य मरीजों कमलजीत, त्रिवेनी, सलोचना, कमला, आशुतोष आदि ने कहा कि यहां पर खासी परेशानी हुई। पूरा दिन महज पर्ची बनाने में ही निकल गया। वहीं, इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि कार्य ऑनलाइन हो रहा है और शिमला से थोड़ी दिक्कत के कारण ऐसा हुआ।

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