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विधानसभा के बाहर हजारों महिला वर्कर्स का हल्ला बोल, नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:04 AM IST
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हजारों महिला स्कीम वर्कर्स ने मंगलवार को विधानसभा के बाहर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले आंगनबाड़ी, मिड डे मील और आशा वर्कर्स ने विधानसभा का घेराव किया। ओल्ड बस स्टैंड से लेकर विधानसभा चौक तक महिलाओं ने पैदल मार्च करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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विधानसभा चौक में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पदाधिकारियों ने महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले नेताओं को जमकर कोसा। सीटू के राष्ट्रीय सचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर, राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा और राज्य अध्यक्ष जगत राम की अगुवाई में विधानसभा का घेराव किया गया। आंगनबाड़ी यूनियन से अध्यक्ष खीमी भंडारी और महासचिव राजकुमारी ने कहा कि हिमाचल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां आंगनबाड़ी वर्कर्स को देश में सबसे कम वेतन मिलता है। मंत्रियों, विधायकों के वेतन सहित अन्य सुविधाओं में भारी बढ़ोतरी की गई।
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लेकिन हजारों गरीब महिलाओं के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। कहा, हरियाणा में आंगनबाड़ी वर्कर्स को आठ हजार और हेल्पर को 4250 रुपये वेतन मिलता है। हिमाचल में वर्कर्स को मात्र 3450 रुपये और हेल्पर को 1800 रुपये मिलते हैं। कई राज्यों ने पेंशन योजना लागू की है। केरल में आंगनबाड़ी वर्कर्स को दस हजार वेतन दिया जाता है। मिड डे मील यूनियन से अध्यक्ष कांता महंत, उपाध्यक्ष हिमी देवी ने कहा कि हिमाचल में मिड-डे मील वर्कर्स को मात्र एक हजार रुपये दिए जाते हैं।
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हरियाणा में 2500 रुपये और केरल में दस हजार मासिक वेतन दिया जाता है। आशा वर्कर्स यूनियन से पूजा, आशा, मंजू, और चंपा ने कहा आशा वर्कर्स की भी प्रदेश में अनदेखी हो रही है। उन्हें मात्र एक हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता है। इस अवसर पर संतोष, रमाकांत मिश्रा, प्रेम गौतम, एनडी रणौत, ओमदत्त, सुदेश, राजेश, भूप सिंह, बिहारी सेवगी, देवेंद्र सहित कई अन्य मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी वर्कर्स का एक-दो दिन में बढ़ेगा मानदेय
मंगलवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स ने विधानसभा में जाकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए शांडिल ने कहा कि एक-दो दिन के भीतर आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय बढ़ा दिया जाएगा। उधर, मिड डे मील वर्कर्स और आशा वर्कर्स के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। कौल सिंह ने कहा आशा वर्कर्स की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा। मिड डे मील वर्कर्स की मांगों को उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की बात कही।
वर्कर्स यूनियनों ने उठाईं मांगें
आंगनबाड़ी वर्कर्स को हरियाणा की तर्ज पर 8000 रुपये और हेल्पर को 4250 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। मिड-डे मील और आशा वर्कर्स को 6000 रुपये वेतन दिया जाए। आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए, ग्रेच्युटी और पेंशन योजना लागू की जाए। आंगनबाड़ी महिला के वेतन में साल 2014-15 के बजट में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा को लागू किया जाए, एरियर का भुगतान किया जाए।