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महिला ने पुलिस पहरे में की बेटी की विदाई, पांव न रखने की दी थी चेतावनी

Mon, 19 Mar 2018 11:08 AM IST
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 19 Mar 2018 11:08 AM IST
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Woman attend daughter marriage in police security at Mandi Himachal Pradesh

बेटी की शादी में पहुंची यह मां मंडप के फेरों से लेकर बेटी की विदाई की गवाह बनी। लेकिन अपनी तरह के अलग से इस मामले में इस मां को पुलिस का पहरा दिया गया था।

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घरेलू विवाद के चलते पिछले पांच साल से मायके में रह रही इस महिला ने ससुरालियों पर शादी में शामिल न होने देने के आरोप लगाए थे।

महिला आयोग में पहुंची इस मां की फरियाद पर पुलिस पहरा दिया गया। ससुरालियों की आपत्ति और विरोध के बावजूद इस महिला ने बेटी की शादी की तमाम रस्में पूरी कीं। यह मामला पूरा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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ससुरालियों ने दी थी शादी वाले घर में पांव न रखने की चेतावनी

Woman attend daughter marriage in police security at Mandi Himachal Pradesh

दरअसल, कांगड़ा की रहने वाली महिला की शादी मंडी में हुई थी। घरेलू विवाद के चलते महिला पांच साल से ससुराल से अलग रह रही है। इकलौती बेटी की मार्च में शादी तय हो गई थी लेकिन ससुरालियों ने उसे शादी वाले घर में पांव न रखने की चेतावनी दे दी थी।

इसी आरोप के साथ महिला ने 16 फरवरी को आयोग का दरवाजा खटखटाया। आंखों में आंसू लेकर पहुंची महिला ने आपबीती सुनाई थी जिसकी संजीदगी से सुनवाई हुई और फिर बेटी की शादी की गवाह बनने की ख्वाहिश पूरी करने का भरोसा मिल गया।

शादी की घड़ी आई तो आयोग के आदेश पर न सिर्फ इस महिला को सुरक्षा कर्मियों का घेरा दिया गया बल्कि शादी समारोह के दौरान ठहरने की व्यवस्था करने को बीडीओ को निर्देश जारी हो गए।

आहत बेटी ने दादी से कराया कन्यादान

Woman attend daughter marriage in police security at Mandi Himachal Pradesh
डेजी ठाकुर, अध्यक्ष हिमाचल महिला आयोग - फोटो : File Photo

मंडी में आयोजित शादी में कन्यादान की रस्म का मौका आया तो आहत बेटी ने मां-बाप की बजाय दादी से अपना कन्यादान कराया। महिला के अनुसार बेटी ने पहले ही कह दिया था कि उसका कन्यादान माता-पिता नहीं करेंगे।

हालांकि बेटी की मां ने बुटना लगाने से लेकर आरती के बाद दूल्हे के गृह प्रवेश की रस्में निभाईं।

पांच साल बाद ससुराल में बिताए तीन दिन
बेटी की शादी के मौके पर महिला ने पांच साल बाद अपने ससुराल में तीन दिन बिताए। घरेलू विवाद और शादी के मौके की नजाकत को देखते हुए आयोग ने प्रशासन को महिला के ठहरने की व्यवस्था करने को कहा था। पुलिस ने शादी के दौरान महिला के पति को थाने बुलाकर ठहरने संबंधी व्यवस्था पूछी तो ससुराल में रहने पर सहमति बन गई। इस दौरान महिला कांस्टेबल लगातार इन तीन दिनों तक महिला के साथ ही रही। 

शिकायतकर्ता मां को पुलिस सुरक्षा देकर बेटी की शादी की रस्में निभाने का अधिकार दिलाया गया है। शादी शांतिपूर्वक आयोजित हुई है। आयोग के पास पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट पहुंच गई है। - डेजी ठाकुर, अध्यक्ष हिमाचल महिला आयोग

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