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Chamba: बागवान बोले- जो प्रत्याशी सब्जी मंडी बनवाने का करेगा वायदा, उसे देंगे वोट

Sun, 30 Oct 2022 11:59 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी,चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी,चंबा Published by: शिमला ब्यूरो Updated Sun, 30 Oct 2022 11:59 AM IST
सार

बागवानों का कहना है कि कई बार नेताओं से क्षेत्र में सब्जी मंडी खोलने की मांग की गई है बावजूद इसके अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। सब्जी मंडी बनवाने का वायदा कर उसे पूरा करने वाले उम्मीदवार को ही वह विधानसभा में भेजेंगे।

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Chamba: The gardener said  the candidate who promises to build a vegetable market, will vote for him
वोट - फोटो : i stock

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में सब्जी मंडी का निर्माण करवाने का वायदा करने वाले प्रत्याशी को ही बागवान विधानसभा चुनाव में जीत का सेहरा पहनाएंगे। बागवानों की मानें तो आज तक चुराह में एक अदद सब्जी मंडी तक नहीं खुल पाई है। इसके चलते बागवानों को अपनी फसलों को मंडियों में पहुंचाने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। बागवानों का कहना है कि कई बार नेताओं से क्षेत्र में सब्जी मंडी खोलने की मांग की गई है बावजूद इसके अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है।

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सब्जी मंडी बनवाने का वायदा कर उसे पूरा करने वाले उम्मीदवार को ही वह विधानसभा में भेजेंगे। महंगाई की मार से बागवान वर्ग भी काफी त्रस्त है। क्षेत्र में बागवान सेब सहित अन्य फलदार फसलों की खेती करते हैं लेकिन बगीचों में समय-समय पर छिड़काव के लिए कार्यालयों में स्प्रे और अन्य रसायनिक खादें उपलब्ध नहीं होती हैं। -कर्मो सोनी, चुराह।
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सेब सहित अन्य फलदार पौधों की पनीरी भी बागवानों को बाहरी राज्यों से महंगे दामों पर खरीद कर लानी पड़ती है। इससे बागवानों को परेशानी होती है। उद्यान विभाग से मांग की है कि बागवानों की सहूलियत के लिए व्यवस्था करवाई जाए। -चरण सिंह, चुराह।
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क्षेत्र में कोई भी कोल्ड स्टोर की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के कई दुर्गम क्षेत्र के बागवानों की चिंताएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यदि बागवान किसी कारणवश फसल को मंडी में पहुंचाने में देरी करता है तो उसे घाटा उठाना पड़ता है। - गौतम राजपूत, चुराह।


क्षेत्र में बागवानी की कई संभावनाएं हैं। यदि बागवानों को विभागीय योजनाओं और मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे तो बागवान विभिन्न फसलों का उत्पादन कर लाभ अर्जित कर सकते हैं लेकिन सरकार बागवानी विभाग में रिक्त पदों को नहीं भर रही है। - किशन चंद, चुराह।

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