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Himachal News: तीन महीनों में सीआईडी ने किसके फोन किए टैप, मुख्य सचिव ने की समीक्षा

Tue, 22 Aug 2023 10:13 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला
सुरेश शांडिल्य, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Aug 2023 10:13 AM IST
सार

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय के सीएस कमेटी रूम में इंटरसेप्शन कमेटी की बैठक हुई। इसमें सचिव कार्मिक अमनदीप गर्ग और विधि सचिव शरद कुमार लगवाल मौजूद हुए। इस तरह की गोपनीय बैठकें बीच-बीच में होती रहती हैं।

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Whose phone calls were tapped in three months, the Chief Secretary reviewed
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में बनी इंटरसेप्शन कमेटी ने सोमवार को इसकी समीक्षा की कि सीआईडी ने पिछले तीन महीनों में किसके-किसके फोन टैप किए हैं। कमेटी ने इंटरसेप्शन पर लगाए फोन नंबरों पर चर्चा की और ऐसे लोगों की सूची को मंजूरी दी, जो अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) की ओर से कमेटी के समक्ष पेश की गई। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय के सीएस कमेटी रूम में इंटरसेप्शन कमेटी की बैठक हुई। इसमें सचिव कार्मिक अमनदीप गर्ग और विधि सचिव शरद कुमार लगवाल मौजूद रहे। इस तरह की गोपनीय बैठकें बीच-बीच में होती रहती हैं। यह कमेटी इस बात पर नजर रखती है कि क्या जिन लोगों के फोन टैप किए जा रहे हैं, उनके साथ ऐसा किया जाना उचित है या नहीं।

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इसकी उपयुक्तता को देखकर ही यह समिति ऐसे फोन इंटरसेप्शन पर बनाए रखने की मंजूरी देती है। इस संबंध में बने कानून के अनुसार ऐसे लोगों के फोन टैप किए जाते हैं जो या तो किसी अपराध में शामिल हों, नशा तस्कर हों या फिर उनसे देश या प्रदेश की सुरक्षा को खतरा हो। सीआईडी ऐसे लोगों की आशंका के आधार पर इंटरसेप्शन शुरू कर सकता है, इसे इसके बाद सात दिन में गृह सचिव से अनुमति लेनी होती है। उसके बाद यह समीक्षा बैठक अलग से होती है।  सोमवार को फोन टैपिंग पर हुई बैठक के बारे में हालांकि अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं थे। उन्होंने इसे रूटीन की बैठक ही बताया। 
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पिछली सरकारों में राजनेताओं के फोन टैप करने के आरोप बन चुके हैं बड़ा मुद्दा 
पिछली जयराम सरकार के कार्यकाल में भी फोन टैपिंग पर इस तरह की बैठकें होती रही हैं। उससे पहले वीरभद्र सरकार ने तो सत्ता में आते ही प्रदेश में अनधिकृत फोन टैपिंग के आरोप लगाकर एक मामला दर्ज किया था। तब पिछली धूमल सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रदेश में अवैध तरीके से फोन टैपिंग के आरोप लगाते रहे थे। उसके बाद में सत्ता में आने पर उन्होंने सीआईडी और विजिलेंस मुख्यालय तक को सील करवा दिया था, क्योंकि इंटरसेप्शन यहीं होती है। वीरभद्र सिंह ने तत्कालीन पुलिस महानिदेशक से लेकर कई अधिकारियों को इसके लिए निशाने पर लिया था कि अनधिकृत तरीके से उनके और अन्य कांग्रेस नेताओं के फोन टैप किए गए। हालांकि बाद में सबूतों के अभाव में यह मामला कोर्ट में साबित नहीं हो पाया था। इससे पिछली वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार पर भी भाजपा नेता अनधिकृत फोन टैपिंग के आरोप लगाते आए थे। वर्तमान सुक्खू सरकार में अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं हुई है।
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