ब्यास नदी में फिर बड़ा हादसा, दिल्ली के दो पर्यटक बहे
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मनाली से वापस दिल्ली लौट रहे दो पर्यटक चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग पर पनारसा के समीप ब्यास नदी के किनारे फोटो खिंचवाते समय एक पर्यटक बह गया। वहीं दूसरे पर्यटक को ग्रामीणों की सहायता से बचा लिया गया।
बहे पर्यटक का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस रॉफ्ट की सहायता सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस जानकारी के अनुसार सोमवार देरशाम को मनाली से दिल्ली वापस लौट रहे कार में सवार चार पर्यटक पनारसा में रूके। जिसमें दो पर्यटक मकान नंबर-सात कंवर सिंह नगर दिल्ली-41 निवासी आशीष वर्मा (26) और उसका चाचा ईश्वर दास फोटो खिंचवाने के लिए ब्यास किनारे चले गए।
इसी दौरान ईश्वर लाल फिसल कर पानी में गिर गया। जिसे बचाने के लिए भतीजे आशीष वर्मा ने भी पानी में छलांग लगा दी। उसने अपने चाचा को पकड़ने की भरसक प्रयास किए, लेकिन वह असफल रहा।
चाचा को बचाने की कोशिश में बह गया आशीष
पानी के तेज बहाव में आशीष वर्मा चंद मिनटों में ही गायब हो गया। ईश्वर वर्मा के चिल्लाने पर अन्य दो पर्यटक सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने उसे रस्सियों के सहारे ईश्वर वर्मा को बचाया।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। लेकिन अंधेरा होने के कारण युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया। मंगलवार सुबह पुलिस ने दो राफ्ट लेकर तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया।
पुलिस थाना प्रभारी लोकेंद्र नेगी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बहे युवक को राफ्ट की मदद से तलाशा जा रहा है। लारजी डैम तक सर्च ऑपरेशन जारी है।
ब्यास में बहकर चला गई थी 24 छात्रों की जान
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जून माह में हैदराबाद के 24 विद्यार्थी व एक टुअर ऑपरेटर ब्यास नदी किनारे फोटो खिंचवाने के लिए उतरे थे और पानी के तेज बहाव में बह गए थे। इस मामले से हिमाचल की नदियों के किनारे घूमने के लिए आने वाले सैलानियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे।
इसको देखते हुए सरकार ने नदी के किनारों पर चेतावनी चिन्ह भी लगवाए थे। मगर बावजूद इसके सैलानी इन चेतावनियों को दरकिनार कर नदी किनारे फोटोग्राफी के लिए उतर जाते हैं।