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पुणे की लैब में होगी अश्वनी के पानी की टेस्टिंग, स्वास्थ्य विभाग ने भेजे सैंपल

Fri, 27 Jul 2018 11:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन Updated Fri, 27 Jul 2018 11:05 AM IST
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water testing of ashwani khad water will be done in pune lab

देश भर में वायरल हुए वीडियो को अश्वनी खड्ड का बताए जाने के बाद हरकत में आए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने खड्ड से पानी के सैंपल भर लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए पुणे स्थित वायोलॉजिकल लैब में भेजा गया है।इस लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद यह तय हो जाएगा कि अश्वनी खड्ड का पानी पीने लायक है या नहीं।

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लैब से रिपोर्ट आने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। यदि सैंपल फेल हो गए तो सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग अश्वनी खड्ड की उठाऊ पेयजल योजना को बंद कर देगा और तब तक पानी लिफ्ट नहीं किया जाएगा, जब तक पानी का शुद्धिकरण न हो जाए। 
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दो जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमेँ बेहिसाब कचरा पानी में बहता हुआ नजर आया। प्लास्टिक के इस कचरे को अश्वनी खड्ड का नाम देकर प्रचारित किया गया।

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रिपोर्ट तय करेगी पानी लेना है या नहीं : सुमित सूद 

water testing of ashwani khad water will be done in pune lab

इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी यह मसला उठा और एनजीटी ने एक टीम बनाकर मामले की जांच शुरू करवा दी। इसके बाद आईपीएच भी हरकत में आ गया है। अश्वनी खड्ड सोलन शहर में पेयजल सप्लाई का मुख्य स्रोत है।

ऐसे में पानी के प्रदूषित होने की वजह से यहां भीषण बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है। आईपीएच के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पेयजल सैंपल भरने के लिए मौके पर गई थी।

सैंपल पुणे भेजने के बावजूद आईपीएच ने अश्वनी खड्ड की पेयजल योजना को बंद नहीं किया है और नियमित रूप से यहां से पानी लिफ्ट हो रहा है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता सुमित सूद का कहना है कि अश्वनी खड्ड से सैंपल लिए गए हैं।
 

अश्वनी खड्ड में पहले भी होते रहे हैं विवाद 

water testing of ashwani khad water will be done in pune lab

स्वास्थ्य विभाग और आईपीएच की संयुक्त टीम मौके पर गई थी। सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। जहां से एक सप्ताह में रिपोर्ट आएगी। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट तय करेगी कि अश्वनी खड्ड से पानी भविष्य में लिया जाएगा या नहीं।  

अश्वनी खड्ड को लेकर पहले भी काफी विवाद सामने आते रहे हैं। साधु पुल के समीप एक होटल की सीवरेज सीधे अश्वनी खड्ड में डाल दी गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था।

इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरकत में आकर होटल के बिजली के कनेक्शन काटने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके अलावा साधुपुल में ही अन्य होटल और हट्स से गंदगी सीधे अश्वनी खड्ड में जा रही थी।

इसे लेकर स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को खड्ड में न जाने और हट्स व अन्य व्यवसायिक गतिविधियां चला रहे दुकानदारों को काम समेटने के आदेश सुनाए थे।

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