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जलसंकट : शहर के कई इलाकों में अब तीसरे दिन मिल रहा पानी

Sat, 18 May 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 18 May 2024 11:59 PM IST
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Water crisis: Water is available in many areas of the city for the third day now
शहर में हफ्ते के छह दिन पानी देने का शेड्यूल फेल, अब पांच दिन ही आपूर्ति देने की तैयारी
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मेयर ने अधिकारियों को दफ्तर बुलाकर ली रिपोर्ट
गर्मी से लगातार घट रहा जलस्तर
छोटी परियोजनाएं सूखने की कगार पर



अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चाबा पेयजल परियोजना से आपूर्ति बढ़ाने के बावजूद राजधानी में पेयजल संकट गहरा गया है। परियोजनाओं में जलस्तर घटने और राजधानी में सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से पेयजल कंपनी का हफ्ते में छह दिन पानी देने का शेड्यूल फेल हो गया है।

शहर के कई इलाकों में अब तीसरे दिन पानी आ रहा है। उधर पेयजल कंपनी ने अब हफ्ते में एक और दिन कट लगाने की तैयारी कर ली है। यदि बारिश नहीं हुई तो सोमवार से हफ्ते में पांच दिन पानी देने का शेड्यूल जारी किया जा सकता है। कंपनी ने नया शेड्यूल भी तैयार कर लिया है। वहीं भराड़ी क्षेत्र की आपूर्ति में भी कंपनी ने कट लगा दिया है। पानी न मिलने से परेशान भराड़ी क्षेत्र के कई लोग शनिवार को महापौर कार्यालय पहुंच गए। यहां महापौर सुरेंद्र चौहान से शिकायत की कि अब हफ्ते में एक नहीं बल्कि दो दिन कट लग रहा है। यही नहीं, सुबह की बजाय अब दिन में पानी की आपूर्ति हो रही है।
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महापौर ने कंपनी के अधिकारियों को दफ्तर बुला लिया। पूछा कि आखिर पेयजल शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है। कहा कि जब शनिवार को 43 एमएलडी पानी शहर को मिला है तो परेशानी क्यों आ रही है।
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सूख रही परियोजनाएं, टैंक खाली
कंपनी के सहायक अभियंता आदर्श चौहान ने कहा कि गर्मी बढ़ने से सभी परियोजनाओं में जलस्तर घट गया है। कोटी बरांडी, चूरट जैसी छोटी परियोजनाएं सूखने की कगार पर हैं। पांच एमएलडी की क्षमता वाली कोटी बरांडी से अब एक जबकि चार एमएलडी वाली चूरट से डेढ़ एमएलडी पानी आ रहा है। चाबा से आपूर्ति बढ़ाई है लेकिन फिर भी परेशानी आ रही है। सभी परियोजनाएं पूरी क्षमता से चलाई जा रही हैं। वैकल्पिक पेयजल स्त्रोत भी तलाशे जा रहे हैं। कहा कि शहर में सैलानियों की आमद बढ़ने से पानी की खपत बढ़ी है। इससे शेड्यूल बिगड़ रहा है। कहा कि पहले सप्लाई से एक दिन पहले टैंक भरे जाते थे ताकि तय शेड्यूल और प्रेशर के साथ लोगों को पानी मिल सके। लेकिन अब आपूर्ति से ठीक पहले टैंक भरने पड़ रहे हैं।




वैकल्पिक स्रोत तलाशे जाएं : मेयर
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि लगातार घट रहा जलस्तर चिंताजनक है। कंपनी को निर्देश दिए कि पानी के वैकल्पिक स्त्रोत तलाशे जाएं। शहर में लीकेज दुरुस्त की जाए। सभी इलाकों में पानी का समान वितरण हो, इसके लिए कंपनी नया शेड्यूल बनाए।
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