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Shimla News: जलसंकट गहराया, बावड़ियों के बाहर लाइनें, शौचालयों पर ताले

Fri, 08 Aug 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:59 PM IST
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Water crisis deepens, lines outside stepwells, locks on toilets
राजधानी के कई इलाकों में चार दिन से पानी नहीं, लोग बरसात में हैंडपंप-बावड़ियों का गंदा पानी पीने को मजबूर
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देर रात तक भर रहे पानी, आज भी राहत की कम उम्मीद

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पेयजल संकट गहरा गया है। शहर के कई इलाकों में शुक्रवार को चौथे दिन भी पीने के पानी की आपूर्ति नहीं मिली। देर शाम तक लोग पेयजल आपूर्ति के लिए इंतजार करते रहे लेकिन पानी आया। मजबूरन लोगों को हैंडपंप और बावड़ियों के सामने लगी लाइनों में पानी भरने के लिए लगना पड़ा।

खलीनी, कनलोग, छोटा शिमला, विकासनगर, कसुम्पटी और अनाडेल समेत चौड़ा मैदान जोन के कई वार्डाें में चौथे दिन भी देर शाम तक पानी नहीं आया। भट्ठाकुफर में अब हफ्ते में एक दिन ही पानी आ रहा है। पानी की आपूर्ति ठप रहने से शहर के कई सार्वजनिक शौचालय शुक्रवार को बंद करने पड़े। इन्हें चलाने वाली सुलभ इंटरनेशनल ने नगर निगम को सूचित कर इन्हें चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बालूगंज, लेप्रोसी काॅलोनी, धोबीघाट, बीसीएस, पंथाघाटी आदि क्षेत्रों में पानी न आने से सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लगाने पड़े। खलीनी में शुक्रवार सुबह कंपनी ने पेयजल आपूर्ति शुरू की लेकिन चंद घंटे बाद ही टैंक खाली हो गए। इससे चंद घरों में ही पानी पहुंच पाया। इसमें जिन घरों में पानी नहीं पहुंचा, उन्होंने पार्षद से शिकायत की। चौथे दिन भी पेयजल आपूर्ति न मिलने से परेशान पार्षदों ने कंपनी दफ्तर में फोन लगाए लेकिन राहत नहीं मिली। पेयजल आपूर्ति ठप रहने से शहर में टैंकरों की डिमांड बढ़ गई है। शुक्रवार को सार्वजनिक शौचालयों, मंदिरों समेत कई दफ्तरों में भी टैंकरों से पानी दिया गया। शनिवार को भी राहत की कम उम्मीद है।
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गिरि की मुख्य पाइप टूटे
पेयजल कंपनी के अनुसार गाद के चलते दो दिन से गिरि परियोजना से शहर के लिए पानी की आपूर्ति घटी है। गाद थमने के बाद वीरवार शाम को कंपनी ने पूरी क्षमता पर गिरि का संचालन शुरू ही किया था कि अचानक भेखल्टी के पास सड़क के नीचे दबी इस परियोजना के मुख्य पाइप टूट गए। इसके चलते शुक्रवार देर शाम तक गिरि परियोजना पूरी तरह से ठप रही। शहर में गहराए जलसंकट के बीच नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान भी शुक्रवार को भेखल्टी पहुंचे। यहां पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेज करने के निर्देश दिए। सड़क खोदकर जमीन के कई फीट नीचे दबी पेयजल लाइन की मरम्मत कर दी है। हालांकि गाद के कारण शनिवार को भी शहर में पेयजल आपूर्ति सुधरने की उम्मीद कम है। कंपनी का कहना है कि गुम्मा समेत बाकी परियोजनाओं से आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कई इलाकों में देर शाम तक पानी की आपूर्ति दी जा रही है।
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श्रावण पूर्णमासी के व्रत पर नहाने को नहीं मिल पानी
श्रावण माह की पूर्णमासी के उपलक्ष्य में शहर के सैकड़ों लोगों ने शुक्रवार को व्रत रखा था लेकिन पूजा और इससे पहले नहाने के लिए पानी नहीं था। शहर के कई मंदिरों में भी दोपहर बाद तक पानी खत्म हो गया। लोगों ने सवाल उठाए कि बरसात के बीच बावड़ियों से ढोए गंदे पानी से ही नहाना पड़ रहा है। बरसात के बीच लोग बावड़ियों और हैंडपंप से पानी ढो रहे हैं। इनमें जलस्तर बढ़ा है लेकिन इनका पानी पीने लायक नहीं है। शहर में ज्यादातर बावड़ियों और हैंडपंप के सैंपल पहले ही फेल हो चुके हैं। कई स्थानों पर निगम ने इनका पानी पीने के लिए इस्तेमाल न करने के सूचना बोर्ड भी लगाए हैं लेकिन लोगों को मजबूरन इनका पानी भरना पड़ रहा है। खलीनी पार्षद चमन प्रकाश ने कहा कि चौथे दिन भी वार्ड के कई इलाकों में पानी नहीं आया है। पटयोग पार्षद आशा शर्मा, न्यू शिमला पार्षद निशा ठाकुर और विकासनगर पार्षद रचना भारद्वाज के अनुसार चौथे दिन भी उनके वार्ड में पानी नहीं आया है।
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