हिमाचल में हिमखंड खिसकने का खतरा, चेतावनी जारी
मौसम खुलने के बाद लाहौल घाटी के कुछ हिस्सों में हिमखंड खिसकने की आशंका है। इसे लेकर चेतावनी जारी की है। चार दिनों तक लगातार बर्फबारी के बाद सोमवार को धूप खिलते ही समूची घाटी चांदी की तरह चमक उठी।
बर्फ से लकदक पहाड़ों पर सूरज की किरणें बिखरते ही प्राकृतिक छटा बिखर गई। धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मौसम साफ होते ही बीआरओ ने सड़कों से बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग को प्रशासन की ओर से हेलीपैडों से बर्फ हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अभी तक घाटी के भीतर सड़कें बंद होने से वाहनों की आवाजाही भी ठप है। बर्फबारी के कारण घाटी के कई हिस्सों में बिजली और दूरभाष सेवा प्रभावित हुई है।
लोगों को किसी तरह के जोखिम से बचने की हिदायत दी गई
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वयक प्रशांत ने बताया कि जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दो से तीन फीट तक बर्फबारी हुई है जबकि केलांग में लगभग 40 सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ है।
उन्होंने बताया कि घाटी के कुछ हिस्सों में लेवल दो एवलांच गिरने की आशंका जताई गई है। हालांकि, लेवल दो के इस हिमखंड से ज्यादा खतरा नही है। इसके बावजूद लोगों को किसी तरह के जोखिम से बचने की हिदायत दी गई है।
कार्यकारी उपायुक्त अमर नेगी ने बताया कि पिछले तीन दिनों की बर्फबारी के बाद बीआरओ के 70 और 94 आरसीसी ने सड़कों से बर्फ हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। लोनिवि को घाटी के हेलीपैडों से बर्फ हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं।