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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   War against drugs: Craving for drugs even in the lockup, khaki is getting treatment done, know the whole matte

नशे से जंग: हवालात में भी चिट्टे की तड़प, खाकी करा रही इलाज, जानें पूरा मामला

Mon, 24 Feb 2025 10:56 AM IST
Krishan Singh देवेंद्र ठाकुर, शिमला
देवेंद्र ठाकुर, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 24 Feb 2025 10:56 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की बात करें तो शहर के थानों से लेकर कैथू जेल में 80 से अधिक युवा ऐसे हैं, जो नशा तस्करी से संबंधित मामलों में संलिप्तता के चलते बंद हैं। 

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War against drugs: Craving for drugs even in the lockup, khaki is getting treatment done, know the whole matte
अलख जगाओ, नशा भगाओ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिट्ट के खात्मे के लिए जहां पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। वहीं, पुलिस थानों और जेल में बंद आरोपियों को नशे से आजाद करने में मदद भी कर रही है। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की बात करें तो शहर के थानों से लेकर कैथू जेल में 80 से अधिक युवा ऐसे हैं, जो नशा तस्करी से संबंधित मामलों में संलिप्तता के चलते बंद हैं। इस दौरान जब यह युवा नशे की तलब में बेकाबू हो जाते हैं, तो इनका पुलिस रिपन और आईजीएमसी अस्पताल में उपचार करवा रही है। नशा छोड़ने के लिए काउंसलिंग भी कर रही है। पुलिस जहां नशा तस्करी रोकने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है तो वहीं जाने-अनजाने में नशे की लत का शिकार इन युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए भी प्रयास करने में जुटी है।

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चिट्टे का नशा कई होनहार युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। जिन परिजनों को कभी अपने बच्चों की कामयाबी पर नाज था, आज वह उन्हें नशे के मामलों में सलाखों के पीछे देखकर सदमे में हैं। जिले में नशा तस्करी के मामलों में कई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न प्रतिष्ठित पेशे से जुड़े युवा शामिल हैं, लेकिन एक बार चिट्टे के नशे की लत में पड़ने के बाद यह उसकी तस्करी करने लगे। चिट्टे का नशा एक या दो बार लेने के बाद व्यक्ति उसका आदी हो जाता है। इसके बाद उसे इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। नशे की इसी तलब में पुलिस थानों और जेलों में कैद युवा भी तड़पते हैं, तो उनकी इस हालत को देखकर पुलिस को उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ता है। इसके प बाद चिकित्सक उन्हें ऐसी ज दवाइयां देते हैं, जिनसे तलब स कम हो और उन्हें इसे छोड़ने में मदद मिल सके।

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 नशे के लिए चोरी और लूटपाट जैसी घटनाओं को दे रहे अंजाम 
चिट्टे की दलदल में फंसे कई युवा नशे के लिए चोरी और लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। शिमला पुलिस के मुताबिक जिले में होने वाली पांच में से चार चोरियों में चिट्टे के आदी युवा ही शामिल हैं। पहले नशे की लत पड़ने पर युवा अपने घर में चोरियों को अंजाम देते हैं। इसके बाद ऐसे युवा अन्य घरों समेत कहीं पर भी चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। शहर में होने वाली ज्यादातर चोरियों में चिट्टे के आदी युवा ही पकड़े गए हैं। हाल ही में तारादेवी में दुखभंजन मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने चिट्टे के आदी युवक को गिरफ्तार किया था। संजौली, खलीनी और अन्य क्षेत्रों में हुई चोरी की घटनाओं में भी चिट्टे के आदी युवाओं की संलिप्तता सामने आई हैं। टुटीकंडी में राहगीरों से लूटपाट के मामले में भी पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने पूछताछ में बताया था कि वह नशे के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम देते थे।

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पुलिस नशे की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है, तो वहीं तस्करी से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार चिट्टे के आदी युवाओं का उपचार भी करवा रही है, जिससे वे आने वाले समय में समाज की मुख्यधारा में लौटकर जीवनयापन कर सकें। -संजीव कुमार गांधी, एसपी शिमला

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