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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Walnut rain on Sair Festival in Jalpa Mata Temple Mandi

Mandi: जालपा माता मंदिर में हुई अखरोट की बारिश, सदियों से चली आ रही परंपरा

Sun, 17 Sep 2023 06:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 17 Sep 2023 06:09 PM IST
सार

श्रद्धालुओं ने माता जालपा को परिवार की खुशहाली और दीर्घायु के लिए अखरोट के साथ दूब (पवित्र घास) चढ़ाई। यह जालपा मंदिर में सायर उत्सव पर मुख्य आकर्षण रहा।

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Walnut rain on Sair Festival in Jalpa Mata Temple Mandi
जालपा माता मंदिर में श्रद्धालुओं पर अखरोट की बारिश। - फोटो : संवाद

विस्तार

सरोआ के जालपा माता के मंदिर में सायर मेला शुरू हो गया है। इस दौरान मंदिर में अखरोट की बारिश की गई। जी हां, माता जालपा मंदिर में जोभली जोभली का मतलब अखरोट की बौछार का किसानों की फसल की वृद्धि की कामना करना और मंदिर में आए माता के भक्तों को बतौर प्रसाद के रूप में अखरोट बांटना है। मंडी के जालपा माता मंदिर में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

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रविवार को मंदिर के गूर मुरारी लाल और पुजारी यशपाल शर्मा ने मंदिर में चढ़कर देवी जालपा के दर्शनों के लिए मंदिर पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं पर अखरोट की बरसात कर दी। एक माह बाद सायर उत्सव की पावन बेला पर कमरूघाटी के बंद पड़े मंदिरों के कपाट रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ खोले गए। कमरूघाटी में सायर उत्सव धूमधाम से मनाया गया। घाटी के धार्मिक स्थल जालपा माता मंदिर सरोआ में श्रद्धालु अखरोट, स्थानीय खीरा और मक्की लेकर पहुंचे।
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श्रद्धालुओं ने माता जालपा को परिवार की खुशहाली और दीर्घायु के लिए अखरोट के साथ दूब (पवित्र घास) चढ़ाई। यह जालपा मंदिर में सायर उत्सव पर मुख्य आकर्षण रहा। रविवार को घाटी के अन्य मंदिरों के कपाट भी खुले, जहां लोगों ने अपने इष्ट देवताओं की पूजा की और मक्की, खीरा और अखरोट चढ़ाए। देवताओं के कपाट खुलते ही गुरों ने देवी-देवताओं की पिंडियों और मूर्तियों पर देसी घी चढ़ाया। देसी घी में चावल मिलाकर देवी देवताओं का शृंगार कर उन्हें कल्या (पूजा) लगाई गई।

बड़ा देव कमरूनाग, देव बाला कामेश्वर, शिल्हि लटोगली, माता मधोगन्न शिव शक्ति गौरा, संतोषी माता, लम्बोदरी माता समेत घाटी के अन्य मंदिरों के सायर पर्व पर कपाट खुलने से माहौल भक्तिमयी हो गया। रविवार सुबह घाटी के लोगों ने घर मे पेठू (कद्दू) की पूजा की और तरह-तरह के पकवान तैयार कर पेठू को चढाए। जालपा माता के गूर मुरारी लाल और पुजारी यशपाल ठाकुर ने बताया कि जालपा माता मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।

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