बिना वेतन सरकारी कर्मी बनना चाहते हैं इस वर्ग के लोग
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मुरारी मार्केट में आयोजित प्रदेश व्यापार मंडल की बैठक में कारोबारियों ने एक सुर में बिना वेतन सरकारी कर्मचारी बनाने की मांग उठाई। व्यापार कल्याण मंत्रालय और सरकारी कल्याणकारी कोष गठित करने की भी गुहार लगाई। कहा गया कि कोष में कारोबारियों से वसूले जाने वाले वैट का दो प्रतिशत हिस्सा डाला जाए, जिसका लाभ कारोबारियों को आपदा के समय दिया जाए।
पंजाब की तर्ज पर अस्पतालों में 50 हजार तक मुफ्त इलाज, जीएसटी में छूट की सीमा बढ़ाने और व्यापारियों को उनके टर्नओवर के हिसाब से 2 से 50 लाख का बीमा कराने की भी मांग की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश स्तर के कारोबारी मंडल स्तर तक कारोबारियों को जोड़ने के लिए अभियान शुरू करेंगे।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सोमेश शर्मा समेत चीफ पैटर्न सोहन लाल, चेयरमैन मदन लाल (पांवटा), महासचिव राकेश कैलाश (ऊना), उपाध्यक्ष प्रवीण कौशल (बद्दी), संगठन मंत्री राजेंद्र प्रसाद जिन्ना (शिमला), कुलदीप शर्मा (अंब), अजय (मनाली), इंद्रजीत सिंह (ठियोग), वीरेंद्र महाजन, सुरजीत (चंबा), सोलन व्यापार मंडल के प्रधान कुशल जेठी आदि मौजूद रहे।
राजनीतिक दरार भरने की जरूरत
प्रदेश अध्यक्ष सोमेश शर्मा ने कहा कि व्यापार मंडल को मजबूत करते के लिए कारोबारियों की राजनीतिक दरार को भरना जरूरी है। अगर कुछ कारोबारी भाजपा और कांग्रेस से संबंधित हैं तो अधिकांश राजनीतिक दलों से संबंध रखने वाले नहीं हैं। ऐसे में पार्टीबाजी को छोड़कर कारोबारी हित में प्रयास करने चाहिए।
राजनीतिक गतिविधियों वाले होंगे बाहर
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि किसी मंडल का कोई भी पदाधिकारी राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया तो उसे मंडल से बाहर निकाल दिया जाएगा। कहा कि व्यापारी देश का पांचवां स्तंभ है।
कारोबारी हित वाली सरकार को समर्थन
वक्ताओं ने कहा कि कारोबारी यदि मजबूत हों तो तमाम समस्याओं का निराकरण आसान है। प्रदेश को अधिकांश राजस्व कारोबारियों से ही आता है। यदि कारोबारी एकजुट हों तो किसी भी सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है। लिहाजा, कारोबारी हित में काम करने वाली सरकार को ही समर्थन दिया जाएगा।