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सफलता: दृष्टिबाधित होने पर स्कूल से निकाला, संघर्ष से पाया राष्ट्रपति पदक

Thu, 28 Dec 2023 11:48 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 28 Dec 2023 11:48 AM IST
सार

तीन दिसंबर को दिव्या को राष्ट्रपति ने दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

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visually impaired Divya  sharma felicitated with the National Award  by President Droupadi Murmu
दिव्या शर्मा - फोटो : संवाद

विस्तार

तीन साल की उम्र में ग्लूकोमा के कारण आंखों की रोशनी चली गई। दृष्टिबाधित होने से पढ़ाई नहीं कर सकती इसलिए सातवीं कक्षा में स्कूल से निकाल दिया गया। कठिन संघर्ष कर अंग्रेजी में स्नातकोत्तर तक प्राइवेट विद्यार्थी के तौर पर पढ़ाई की। जीवन में लगातार संघर्ष किया और आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ समाज के लिए कुछ बेहतर करने का लक्ष्य भी रखा। यह बात उमंग फाउंडेशन की ओर से आयोजित वेबिनार में दृष्टिबाधित दिव्या शर्मा ने कही।

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तीन दिसंबर को दिव्या को राष्ट्रपति ने दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। युवाओं को प्रेरित करने के लिए इस वेबिनार का आयोजन किया गया। मौजूदा समय में दिव्या दृष्टिबाधित लोगों की टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ हैं। कंटेंट क्रिएशन से संबंधित उनका अपना बिजनेस है। वह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और यूएई के क्लाइंट्स के लिए काम करती हैं। इसके साथ मोटिवेशनल स्पीकर हैं।
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वह 115 देशों में सुने जाने वाले ऑनलाइन रेडियो उड़ान की आरजे हैं। कराटे की ब्लू बेल्ट होल्डर, मैराथन धावक, गायिका, गिटार वादक और कवयित्री भी हैं। दिव्या शर्मा मूल रूप से ऊना जिले के मेहतपुर की रहने वाली हैं। दिव्या ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अरुण शर्मा और मां सुषमा शर्मा तथा भाई बहन के सहयोग से सारी पढ़ाई प्राइवेट विद्यार्थी के तौर पर पूरी की। 
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ये दिए सुझाव
उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित और दूसरे विद्यार्थियों के लिए सुगम्य पुस्तकालय बनाए जाने चाहिए। इसमें टॉकिंग सॉफ्टवेयर वाले कंप्यूटर एवं अन्य उपकरण बच्चों को पढ़ाई में मदद करते हैं। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों में विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी भी होने चाहिए।

भारतीय चुनाव आयोग की दृष्टिबाधित ब्रांड एंबेसडर और उमंग फाउंडेशन की प्रवक्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर मुस्कान नेगी ने बताया कि यह वेबिनार दृष्टिबाधित दिव्या शर्मा के संघर्ष और सफलताओं से युवाओं को प्रेरित करने के लिए आयोजित किया गया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर और विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी डॉ. धीरेंद्र शर्मा ने की। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने बताया कि दिव्या 11 वर्षों से उमंग फाउंडेशन से जुड़ी हैं।

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