विधानसभा चुनाव जीतकर सातवीं बार सीएम भी बनूंगा: वीरभद्र
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह चुनाव न लड़ने संबंधी अपने बयान से पूरी तरह पलट गए हैं। शनिवार को उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में पार्टी से प्रचार करेंगे और चुनाव भी लड़ेंगे। जीत के बाद सातवीं बार भी मुख्यमंत्री भी बनेंगे। कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी कांग्रेस पार्टी का सच्चा सिपाही बनकर जनता की सेवा की है। आज भी पार्टी की मजबूती के लिए पूरे जोश के साथ जनता के बीच जा रहे हैं। पूर्व सीएम एवं अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह ने कुठाड़ राजमहल में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले कुछ विरोधियों से आहत होने पर उन्होंने हल्के-फुल्के लहजे में विस चुनाव नहीं लड़ने की बात कही थी। इसे गंभीरता से न लिया जाए। उनका राजनीति से संन्यास लेने या न लेने का फैसला भविष्य के गर्भ में छिपा है।
गौर हो कि बीते दिन कुनिहार में पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में वीरभद्र सिंह के आगामी विस चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया था। इसके बाद कुछ पल के लिए प्रदेश की सियासत में हड़कंप मच गया था। कुठाड़ में उनसे मिलने के लिए समर्थकों का तांता लग गया। इसी दौरान उन्होंने अपने दिए बयान से इंकार कर दिया था। वीरभद्र सिंह ने कहा कि साजिश के तहत उनके गृह जिले की तीनों सीटों को आरक्षित किया गया है। वह प्रदेश के किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, समय आने पर इसका भी खुलासा किया जाएगा। कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ईमानदारी से पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं। उन्होंने पार्टी में गुटबाजी के सवाल को नजरअंदाज कर सबको एकजुट करने की बात भी कही। हालांकि, एक सवाल पर उन्होंने पार्टी के गद्दारों पर समय आने पर कार्रवाई करने का बयान भी दिया।
तिरंगे का अपमान करने वालों पर हो कार्रवाई
वीरभद्र सिंह ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले में तिरंगे का अपमान करने वाले कथित हुड़दंगियों की कड़ी निंदा की है। कहा कि देश का अन्नदाता ऐसी हरकत नहीं कर सकता। किसानों की रैली से पहले ही दिल्ली में इसका षड्यंत्र रचा जा चुका था। केंद्र सरकार को तिरंगे का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।