वीरभद्र सिंह की जुबां पर आया प्रतिभा सिंह की हार का दर्द
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मंडी जिला बल्ह घाटी के कंसा चौक पर सोमवार को जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव के करीब एक साल बाद मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहीं प्रतिभा सिंह की हार पर सार्वजनिक मंच से अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि मोदी की कोई लहर नहीं थी।
लोस चुनाव में मंडी में सिर्फ ब्राह्मणवाद चला। भाजपा प्रत्याशी को कांग्रेस से जुड़े रहे एक पूर्व मंत्री का समर्थन भी मिला। भाजपा प्रत्याशी को इनका समर्थन न मिलता तो ये ग्राम पंचायत प्रधान का चुनाव भी नहीं जीत पाते।
जब इन पूर्व मंत्री ने लोकसभा चुनाव लड़ा था तो रामपुर क्षेत्र से इन्हें 30 हजार की लीड दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बल्ह, मंडी सदर और द्रंग से कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद कांग्रेस को लोस चुनाव में लीड नहीं मिली है।
बाली पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि जात-पात और क्षेत्रवाद के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, प्रदेश एक ही रहेगा।
यात्राओं से नहीं मिलता रोजगार बाली की रोजगार यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्राएं निकालकर रोजगार नहीं मिलता है।
अगर ऐसा करने से रोजगार मिलता है तो वे प्रदेश का पांच बार भ्रमण करते। उन्होंने रोजगार यात्रा निकालने को बाली का व्यक्तिगत मामला बताया। जनसंख्या के साथ बेरोजगारी बढ़ती है। सरकार प्रयासरत है। हर व्यक्ति को रोजगार देना संभव नहीं है।
चैन से नहीं रहने दूंगा: सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जिला मंडी का छह दिवसीय तूफानी दौरा सोमवार को कंसा रैली के साथ समाप्त हो गया। रैली के बाद वे शिमला लौट गए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सरकार का फील्ड मास्टर होता है।
शिमला में बैठ कर विकास में तेजी नहीं आएगी। जब मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करते हैं तो प्रशासन भी चुस्त दुरूस्त हो जाता है। विकास को लेकर मैं अधिकारियों को चैन से नहीं रहने दूंगा।