फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   virbhadra singh news today: ancient throne of the king of Bushehar also in Shangarh of Sainj Valley himachal

हिमाचल: यहां भी है बुशहर के राजा का प्राचीन सिंहासन, वीरभद्र को भी मिला था बैठने का मौका, जानें रोचक तथ्य

Sat, 10 Jul 2021 09:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सैंज (कुल्लू)
अमर उजाला नेटवर्क, सैंज (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 10 Jul 2021 09:11 PM IST
सार

शांघड़ के ऐतिहासिक मैदान के एक छोर पर अभी यह बुशैहर के राजा का प्राचीन सिंहासन यथावत है। इस पर बुशहर के राजा के अलावा किसी को बैठने की अनुमति नहीं है। इस जगह को स्थानीय भाषा में राय-री-थल कहा जाता है। 

विज्ञापन
virbhadra singh news today: ancient throne of the king of Bushehar also in Shangarh of Sainj Valley himachal
शांघड़ में भी बुशैहर के राजा का प्राचीन सिंहासन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी के शांघड़ में भी बुशहर के राजा का प्राचीन सिंहासन है। इस पर अब तक 122 राजाओं में से मात्र दो ही राजा विराजमान हुए हैं। सैकड़ों साल पहले सिंहासन पर बैठे राजा भादर सिंह के बाद 9 दिसंबर 2016 को राजा बुशहर और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को इस अति पवित्र माने जाने वाले सिंहासन पर बैठने का मौका मिला था। अब विक्रमादित्य के राजतिलक के बाद स्थानीय लोगों को बुशहर राजघराने से पुराने रिश्ते बरकरार रखने की उम्मीद है। 

विज्ञापन


शांघड़ के ऐतिहासिक मैदान के एक छोर पर अभी यह सिंहासन यथावत है। इस पर बुशैहर के राजा के अलावा किसी को बैठने की अनुमति नहीं है। इस जगह को स्थानीय भाषा में राय-री-थल कहा जाता है। विक्रमादित्य सिंह बुशहर के 123वें राजा हैं। इस आसन पर बैठने का अधिकार उनका है। कहा जाता है कि शांघड़ का ऐतिहासिक मैदान कभी वीरभद्र सिंह के पूर्वजों की निजी संपत्ति हुआ करता था। बाद में लगभग 550 बीघा का मैदान उन्होंने देवता के नाम कर दिया।
विज्ञापन


अभी भी मैदान करीब दो सौ बीघा में फैला है। दवेंद्र शर्मा, रूपेंद्र राणा, रेवती पालसरा, टेक सिंह ने कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के पूर्वजों का शांघड़ क्षेत्र से गहरा नाता रहा है। अधिष्ठता देव शंगचूल महादेव का इतिहास भी रामपुर और सांगला क्षेत्र से जुड़ा है। पुजारी देवेंद्र शर्मा, कारदार सुधा शर्मा, गिरधारी लाल शर्मा और जगदीश शर्मा ने बताया कि देव समाज की बुशहर के राज परिवार के प्रति गहरी आस्था है। शांघड़ के ऐतिहासिक मैदान के एक छोर पर अभी यह बुशहर के राजा का प्राचीन सिंहासन यथावत है। इस पर बुशहर के राजा के अलावा किसी को बैठने की अनुमति नहीं है। इस जगह को स्थानीय भाषा में राय-री-थल कहा जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed