वीरभद्र मनी लांड्रिंग केस: वकील पेश न होने से LIC एजेंट पर सुनवाई टली
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिये दो अगस्त की तारीख तय की है।
कोर्ट ने चौहान की न्यायिक हिरासत मंगलवार को नौ अगस्त तक बढ़ा दी। पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार के समक्ष आनंद सिंह चौहान को न्यायिक हिरासत पूरी होने पर पेश किया गया।
आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन, उसकी ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ था। आरोपी चौहान ने 13 जुलाई को जमानत याचिका दायर की थी। ईडी ने जमानत याचिका पर 19 जुलाई को अपना जवाब दाखिल किया था।
चौहान पर लगे हैं ये सारे आरोप
ईडी ने रिपोर्ट में कहा है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह की अघोषित आय को जीवन बीमा में लगवाया और उसके खातों में हेरफेर कर उसके पैसे को खातों में दिखाया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चौहान को आठ जुलाई को शुक्रवार को चंडीगढ़ में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने रिमांड के बाद चौहान को 13 जुलाई को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। एलआईसी एजेंट चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र के कालेधन के करीब पांच करोड़ रुपये एलआईसी की बीमा पॉलिसी में निवेश करवाए।
उस पर आरोप है कि उसने वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी में निवेश करवाया। जांच एजेंसी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी घोषित आय से अधिक थी। सीबीआई भी वीरभद्र के खिलाफ जांच कर रही है।