'हाईकमान ने ही बनाया है सीएम, अब उसके फैसले को चुनौती न दें वीरभद्र'
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राज्यसभा सांसद एवं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर सियासी हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि संगठन पर दोषारोपण करना सही नहीं है। यदि वीरभद्र सिंह सीएम बने हैं तो हाईकमान की बदौलत ही बने हैं।
संगठन की नियुक्तियों को लेकर उनके मन में कोई संदेह है तो वे हाईकमान से इसकी शिकायत करें। हाईकमान के फैसले को गलत करार देना सीधे हाईकमान को चुनौती है। सीएम को यह जान लेना चाहिए कि हाईकमान की स्वीकृति के बिना कोई भी नियुक्ति नहीं होती है।
रविवार को ज्वालामुखी में पत्रकारों से बातचीत में विप्लव ठाकुर ने कहा कि देहरा में सेंट्रल यूनिवर्सिटी खुलवाना उनका मकसद रहा है। ऐसे में जब मुख्यमंत्री देहरा के हक को दरकिनार कर केवल डिग्री कॉलेज खुलवाकर इतिश्री कर रहे हैं तो यह बर्दाश्त से बाहर है।
सीएम से पूछा, क्या मैं बड़बोली हो गई हूं
उन्होंने कहा- मैं सीएम से पूछना चाहती हूं कि अगर सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोलने के लिए बोल रही हूं तो क्या मैं बड़बोली हो गई। जब तक सीयू देहरा में नहीं बन जाती, तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा।
राज्यसभा में उन्होंने जिला परिषद सदस्यों की पावर स्नैच न करने का मामला उठाकर मांग की है कि जल्द इस पर कोई निर्णय लिया जाए। सांसद ने देहरियां, भड़ोली और लूथान पंचायत में लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
बेरोजगारों को न उलझाएं, एक सीट जीतने से नहीं बनती सरकार
विप्लव ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के मेनिफेस्टो में कौशल विकास भत्ता या बेरोजगारी भत्ता देने की बात है, इस दुविधा में बेरोजगारों को न उलझाया जाए। इस मसले को जल्द सुलझाया जाए, क्योंकि प्रदेश में साढ़े 11 लाख युवा बेरोजगार हैं।
एक सीट जीतने से नहीं बनती सरकार
राज्यसभा सांसद ने कहा कि अगर सरकार बनती है तो हर सीट को जीतकर बनती है। ऐसे में मुख्यमंत्री एक ही सीट पर मेहरबान हैं तो क्या अकेले एक ही सीट से पूरी सरकार बन जाएगी।
उन्होंने हमें नहीं बुलाया, हमने उन्हें
विधायक संजय रतन लूथान पंचायत में रखे राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस सवाल को हंसी में टालते हुए चुटकी लेते हुए विप्लव बोलीं, उन्होंने हमें नहीं बुलाया, आज हमने उन्हें नहीं बुलाया।