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Success Story: अपनी बीमारी को दरकिनार कर बेटे की कामयाबी की गढ़ी गाथा, बने नायब तहसीलदार
Sun, 28 May 2023 06:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, तीसा (चंबा)
संवाद न्यूज एजेंसी, तीसा (चंबा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 28 May 2023 06:47 PM IST
सार
विनय राष्पा ने बताया कि उनकी माता संतोष रानी ने उनका हर कदम पर साथ दिया। जीवन में कुछ कर दिखाने के लिए हर पल मनोबल बढ़ाया।
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विनय राष्पा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अपनी बीमारी को दरकिनार कर बेटे की कामयाबी की एक मां ने गाथा गढ़ने में अहम भूमिका निभाई है। बेटे ने भी मां के सपनों को पंख लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और अब हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार बने हैं। यहां बात हो रही है चुराह उपमंडल के तहत आते सेईकोठी निवासी विनय राष्पा की।
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विनय राष्पा की उपलब्धि के बाद माता-पिता, बहन और रिश्तेदार फूले नहीं समां रहे हैं। विनय ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। बकौल विनय राष्पा ने बताया कि उनकी माता संतोष रानी ने उनका हर कदम पर साथ दिया। जीवन में कुछ कर दिखाने के लिए हर पल मनोबल बढ़ाया।
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इतना ही नहीं, शुगर की मरीज होने के बावजूद भी अपने लिए वक्त न निकाल कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहीं। उनके पिता हरि चंद पूर्व पंचायत प्रतिनिधि हैं। उनकी माता संतोष रानी फीमेल हेल्थ वर्कर सेईकोठी के पद पर तैनात हैं। उनकी बहन सोनाली राष्पा वर्तमान में पंचायत प्रधान है और वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं।
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उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक सरकारी स्कूल चकलू में हुई। इसके बाद उन्होंने सेईकोठी विद्यालय से दसवीं और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंजराडू से जमा दो की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बाहरा यूनिवर्सिटी बाखना घाट सोलन से चार वर्षीय इंजीनियरिंग की। उन्होंने बताया कि माता-पिता के स्नेह और आगे बढ़ने की चाहत के बल ही उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है।