Vimal Negi Case: पेन ड्राइव छिपाने के मामले में एएसआई निलंबित, विभागीय जांच बैठाई
एसपी शिमला ने मामले में पुलिस कर्मी की लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई अमल में लाई है। 21 मई को विमल नेगी की मौत मामले में डीजीपी की ओर से हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में शिमला पुलिस की एसआईटी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए थे।
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पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी के शव से मिले पैन ड्राइव को छिपाने के मामले में एएसआई पंकज को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। एसपी शिमला ने मामले में पुलिस कर्मी की लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई अमल में लाई है।
21 मई को विमल नेगी की मौत मामले में डीजीपी की ओर से हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में शिमला पुलिस की एसआईटी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए थे। डीजीपी ने रिपोर्ट में कहा था कि एसआईटी मामले को आत्महत्या की ओर ले जा रही है और ऊना के पेखूबेला प्रोजेक्ट पर पेन ड्राइव से कम दस्तावेज मिले हैं।
वहीं एसपी शिमला संजीव गांधी व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होकर बताया था कि विमल नेगी की मौत बिलासपुर में हुई थी, वहीं पर पोस्टमार्टम भी किया गया था। यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर था। यही वजह है कि शिमला पुलिस मामले में पहले किसी प्रकार दखल नहीं कर पाई।
10 अप्रैल विमल नेगी शिमला से लापता हो गए थे और इसके बाद 18 अप्रैल को उनका शव बिलासपुर में गोबिंद सागर झील से बरामद किया था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान शव से पैन ड्राइव भी मिला था। एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि एएसआई पंकज को सस्पेंड करने के साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है।