कांग्रेस कार्यालय में हुई हिंसा को लेकर विक्रमादित्य ने भाजपा पर जड़ा बड़ा आरोप
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कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में हुई हिंसा को शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस में ही सक्रिय भाजपा की बी टीम का षड्यंत्र करार दिया है। कांग्रेस मुख्यालय में जैसे ही नए प्रदेशाध्यक्ष पदभार संभालने पहुंचे तो भाजपा की बी टीम के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अनापशनाप भी बोला। पार्टी की एकजुटता को देखते हुए भाजपा ने अपनी इस बी टीम के माध्यम से राजीव भवन में हंगामा किया। हिंसा करने वाले यह वही लोग हैं जो हमीरपुर के विधायक को फूल मालाएं पहनाते हैं और उनका स्वागत करते हैं।
विक्रमादित्य ने कहा कि वह उनका नाम नहीं लेना चाहते लेकिन पार्टी को दीमक की तरह से चाटने का कार्य करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी से शिकायत करेंगे। उन्होंने नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष से मांग की कि इस पूरी घटना की अपने स्तर पर जांच करें। कहा कि ऐसे विभीषणों की वजह से पार्टी का चारों सीटें जीतने का लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा।
घटना के लिए सुक्खू भी हो सकते हैं जिम्मेदार
एक सवाल के जवाब में विक्रमादित्य ने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं। वह भी कहीं न कहीं इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर से आग्रह किया कि किसी भी तरह के मतभेदों को बंद कमरे में बैठकें कर सुलझाने का प्रयास करें।
आईजीएमसी का हो रहा भगवाकरण
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी का भगवाकरण हो रहा है। स्वास्थ्य सेवा सुधारने के बजाय इसे भगवा और हरे रंग में रंगा जा रहा है। यह अस्पताल कम, भाजपा का मुख्यालय अधिक लग रहा है।
अस्पताल के मुखिया के फोटो को आरएसएस की ड्रेस में दिखाते हुए कहा कि वह चिकित्सक और सरकारी कर्मचारी की तरह से काम करें। विवि के मुखिया भी अपने को सरेआम आरएसएस का बता रहे हैं।
हाईकमान का आदेश होगा मान्य
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि 2019 के लोस चुनाव में मंडी से चुनाव लड़ने का उन्होंने फैसला नहीं लिया है। पार्टी हाईकमान का आदेश होगा तो वह उनके लिए मान्य है। मंडी से हमारे परिवार का विशेष लगाव रहा है। मेरे पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मंडी से चार बार सांसद रहे हैं। माता दो बार सांसद बनीं थीं।