हिमाचल नेमप्लेट विवाद: विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली पहुंचते ही हटाई योगी के मॉडल वाली पोस्ट, अब दी ये सफाई
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हर भोजनालय, फास्ट फूड रेहड़ी पर मालिक का पहचान पत्र लगाने के बयान पर कहा कि इसका यूपी सरकार के फैसले से कोई लेना-देना नहीं।
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हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने वीरवार को दिल्ली पहुंचते ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मॉडल वाली पोस्ट को हटा दिया। बुधवार को प्रदेश में भोजनालय और फास्ट फूड की रेहड़ी वालों को अपना पहचानपत्र दुकान पर लगाने के संबंध में लिए गए फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी की फोटो वाली पोस्ट के माध्यम से शेयर करने के बाद बैकफुट पर आए विक्रमादित्य ने वीरवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले से कोई लेना-देना नहीं है। हिमाचल एक अलग राज्य है, इसके अपने मामले और मुद्दे हैं।
कांग्रेस शासित सरकार के कैबिनेट मंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गरमाई राजनीति के बीच पार्टी के प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ल ने बीचबचाव कर कहा कि विक्रमादित्य के बयान को यूपी सरकार से जोड़ना ठीक नहीं है। राजीव शुक्ल ने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विक्रमादित्य सिंह से बात करने के बाद इस मामले को लेकर हाईकमान के समक्ष भी स्थिति स्पष्ट की। वीरवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मंत्री विक्रमादित्य ने हर भोजनालय, फास्ट फूड की रेहड़ी पर मालिक का पहचान पत्र लगाने के बयान पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि इसका यूपी सरकार के फैसले से कोई लेना-देना नहीं। हाल के दिनों में हुई घटनाओं के मद्देनजर राज्य में धार्मिक सद्भाव और शांति बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसीलिए एक सर्वदलीय कमेटी का गठन किया गया है। इसका गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि राज्य के लोगों की सभी आशंकाओं को सुना जाए। इन सब सुझावों के साथ आगे बढ़ेंगे।
उच्च न्यायालय ने समय-समय पर कहा है कि राज्य में नगर निगम सीमा के तहत टाउन वेंडिंग कमेटियों का गठन किया जाना चाहिए। हमने यह भी कहा है कि हिमाचल प्रदेश में बाहर से आने वाले लोगों का स्वागत है लेकिन, राज्य की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हमें राज्य में नशीली दवाओं के खतरे को फैलने से रोकना है। हमें कानून और व्यवस्था बनाए रखनी है, भोजनालयों में स्वच्छता के मुद्दों का भी ध्यान रखना है। हाल ही में हुई बैठकों में यह निर्देश दिए हैं कि विक्रेताओं की पहचान की जाए, चाहे वह हिमाचल के हों या बाहर के। हिमाचल प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और राज्य के लोगों की चिंताओं के कारण यह कानून सभी पर लागू होता है। प्रदेश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
#WATCH दिल्ली: हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा भोजनालयों को मालिकों के नाम प्रदर्शित करने का आदेश दिए जाने पर कहा, "...हाल ही में हिमाचल प्रदेश में जो घटनाएं हुई हैं, उसमें शांतिपूर्ण माहौल बनाना हमारी जिम्मेदारी है और नगर पालिका ने… pic.twitter.com/LWpdjVYfwE
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 26, 2024
इसे उत्तर प्रदेश से जोड़ना ठीक नहीं : शुक्ल
राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ल ने कहा कि विक्रमादित्य ने कहा है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि केवल अधिकृत व्यक्ति ही दुकानें लगा सकें। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने फेरीवालों को नियंत्रित करने और उन्हें लाइसेंस देने के लिए एक सर्वदलीय समिति बनाई है। इसे उत्तर प्रदेश से जोड़ना ठीक नहीं है। इस बारे में मुख्यमंत्री सुक्खू से भी बात की है। पार्टी हाईकमान को भी अवगत करा दिया है।
"Connecting this to UP not right," Himachal AICC incharge Rajeev Shukla defends state govt on ID cards for vendors
— ANI Digital (@ani_digital) September 26, 2024
Read @ANI Story | https://t.co/gO6SMoEX1i#HimachalPradesh #RajeevShukla pic.twitter.com/EQw9HMrA3D
हमने प्रक्रिया शुरू कर दी थी, पंजीकरण और सत्यापन होना चाहिए: जयराम
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह द्वारा दिए गए बयान में एक बात है। उन्होंने ऐसी बात कही जिस पर हमारी सरकार ने काम करना शुरू कर दिया था। भाजपा सरकार के कार्यकाल में जब हमने यह नियम बनाया था, उस समय बहुत सारे सवाल उठाने की कोशिश की गई थी। हमने तब कहा था कि हमें लगता है कि इसकी जरूरत है क्योंकि हम हिमाचल प्रदेश की हर गली में कई ऐसे लोगों को देखते हैं, जिनकी पहचान अभी भी हमारे (तत्कालीन राज्य सरकार) द्वारा नहीं की गई है। जो कोई भी बाहर से हिमाचल प्रदेश आता है, उसकी पहचान आसानी से की जा सकती है, लेकिन हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन वे हिमाचल प्रदेश में आने के बाद अपनी पहचान छिपाने की कोशिश क्यों करेंगे? हमने प्रक्रिया शुरू कर दी थी, पंजीकरण और सत्यापन होना चाहिए।
#WATCH | Shimla: Former Himachal Pradesh CM & LoP in state assembly Jairam Thakur says, "There is one thing about the statement made by Vikramaditya Singh. He spoke about something on which our government had started working. During BJP govt's tenure, when we made this rule,… pic.twitter.com/1vKn7mnGON
— ANI (@ANI) September 26, 2024