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विजय दुनिया से रुखसत, रोशन कर गए दो लोगों की जिंदगी
Sat, 17 Aug 2019 12:08 PM IST
Krishan Singh
योगेश शर्मा, अमर उजाला, अर्की (सोलन)
योगेश शर्मा, अमर उजाला, अर्की (सोलन)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 17 Aug 2019 12:08 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर अर्की के पूर्व सैनिक विजय सिंह चौहान भले ही दुनिया से रुखसत हो गए लेकिन जाते-जाते वह दो लोगों के जीवन में रोशनी कर गए। धरतीपुत्र के नाम प्रसिद्ध विजय सिंह (78) ने मृत्यु के बाद नेत्रदान की इच्छा जताई थी।
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निधन के बाद उनके परिजनों ने आईजीएमसी शिमला को सूचित किया। शुक्रवार को उनका एक नेत्र महिला मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। उनकी अंधेरी जिंदगी में उजियारा हो गया। शनिवार को दूसरे मरीज की जिंदगी भी रोशन हो जाएगी।
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विजय सिंह चौहान तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वह समाजसेवा में भी हमेशा आगे रहते थे। गुरुवार की रात विजय सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें नागरिक चिकित्सालय अर्की लाया गया। जहां कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।
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विजय सिंह ने आंखें दान करने की अंतिम इच्छा जताई थी जिसे परिजनों ने पूरा किया। विजय सिंह ने भारतीय सेना में काफी समय तक अपनी सेवाएं दीं। वह सामाजिक कार्यों में भी आगे रहते थे और दूसरों को भी प्रेरित करते थे।
1962 में सेना में भर्ती हुए और सेवानिवृत्त के पश्चात दूरसंचार विभाग में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। दूसरी बार सेवानिवृति के बाद उन्होंने चुनावी रण में भी अपना भाग्य आजमाने का प्रयास किया। उन्होंने तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल पाई।
आईजीएमसी के नेत्र बैंक विभाग के डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि परिजनों ने आई बैंक को सूचित किया और टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि दोनों आंखें स्वस्थ होने के कारण अलग-अलग मरीजों को लगा दी जाएंगी।
शुक्रवार को ऑपरेशन कर एक जरूरतमंद को नेत्र लगा दिया है। दूसरे मरीज को सूचित कर दिया है। शनिवार को सब सही रहा तो जल्द ही दूसरी मरीज की जिंदगी भी रोशन हो जाएगी।