डीजी जेल सोमेश गोयल को मिली बड़ी राहत, विजिलेंस ने दी क्लीन चिट
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बहुचर्चित पुलिस जूता घोटाले में पूर्व डीजीपी एवं वर्तमान डीजी जेल सोमेश गोयल को विजिलेंस की क्लीन चिट मिल गई है। महानिदेशक पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए प्रदेश सरकार ने जरूरी विजिलेंस क्लीयरेंस रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि गोयल के खिलाफ हिमाचल में किसी भी तरह के मामले में संलिप्तता नहीं है।
न ही उनके खिलाफ किसी तरह का अभियोग पंजीकृत है। खास बात यह है कि जूता घोटाले की विजिलेंस जांच में अक्सर नाम उछलने के बावजूद विजिलेंस ब्यूरो ने ही उन्हें क्लीन चिट दी है। सूत्रों के अनुसार साल 2013 में दो कंपनियों के खिलाफ दर्ज हुए कथित जूता सप्लाई घोटाले की जांच में अब तक विजिलेंस के हाथ खाली हैं।
आरोप था कि हिमाचल पुलिस के लिए जूता खरीद के दौरान घपला हुआ। काफी समय तक गोयल को पूर्व वीरभद्र सरकार के दौरान भी इसी मामले में फंसा बताकर पहले पदोन्नति और बाद में डीजीपी न बनाने का आधार बनाया गया था।
लेकिन वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में ही उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई और सरकार ने उनकी पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नति कर दी। विजिलेंस की क्लीयरेंस मिलने के बाद अब गोयल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि चूंकि वरिष्ठतम होने के बावजूद वर्तमान जयराम सरकार ने उन्हें डीजीपी पद से हटाकर उनसे कनिष्ठ सीताराम मरडी को पदासीन कर दिया था। ऐसे में गोयल भी केंद्र में प्रतिनियुक्ति के लिए प्रयास कर रहे हैं।